Chagas Disease एक ऐसी संक्रामक बीमारी है जो धीरे-धीरे हमारे शरीर को प्रभावित करती है। इसकी शुरुआती समय में अक्सर बिना लक्षण के ही ये बीमारी रहती है। यह संक्रमण मुख्य रूप से एक खास कीड़े के जरिए फैलता है और समय रहते इलाज न मिल पाने के कारण यह हृदय और पाचन संबंधित हिस्सों को गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकता है। चागज बीमारी के बारे में वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट से जानकारी प्राप्त करके हम आपको विस्तार से बता रहे हैं।

Chagas Disease क्या है और ये कैसे फैलता है?
चागज बीमारी एक तरह का परजीवी संक्रमण है जो ट्रायपानोसोमा क्रूसी नमक सूक्ष्म जीव के कारण होता है। यह बीमारी किसिंग बग के संपर्क में आने से फैलती है जो संक्रमित हुए व्यक्ति को काटने के बाद अपने माल के जरिए परजीवी छोड़ देता है। इसके अलावा इनफेक्टेड खून बॉडी में चढ़ने, अंगों का प्रत्यारोपण या फिर गर्भावस्था के दौरान मां से बच्चों में भी इसका संक्रमण होने का खतरा रहता है। यह सामान्य संपर्क से सीधे नहीं फैलता है जिससे इसकी पहचान और रोकथाम करना थोड़ा रिस्की हो जाता है।
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चाग़ास के शुरुआती और लंबे समय के लक्षण
Chagas Disease के लक्षण दो तरीके से हमें सामने देखते हैं पहले चरण जो की एक्चुअल फेस होता है इस दौरान हल्का बुखार, थकान, सर दर्द और कभी-कभी आंख के पास सूजन जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। अगर इस बीमारी के दूसरा चरण या फिर क्रॉनिक फेस के बारे में बात की जाए तो सालों बाद भी ये बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। इस बीमारी में हृदय की धड़कन तेज हो जाती है हार्ट फेल्योर होता है या फिर निगलने में दिक्कत आदि जैसे समस्याएं देखने को मिलती है। यही कारण है कैसे हम साइलेंट डिजीज भी कहते हैं।
चागज बीमारी के जांच और इलाज की स्थिति
Chagas Disease की जांच आमतौर पर ब्लड टेस्ट के जरिए ही की जाती है इलाज के लिए मुख्य रूप से दो दवाई Benznidazole और Nifurtimox का उपयोग किया जाता है जो शुरुआती चरण में ज्यादातर प्रभावि होता है। हालांकि अगर आपको बीमारी लंबे समय तक बिना इलाज के रहती है तो इसका पूरा इलाज बहुत मुश्किल हो जाता है और केवल इसके लक्षणों को ही नियंत्रित किया जा सकता है।
इस बीमारी कितना गंभीर है यह संक्रमण
वैश्विक लेवल पर लाखों लोग अभी भी इस बीमारी से प्रभावित है खास तौर पर लैटिन अमेरिका के देशों में। लेकिन अब इसके मामले अन्य सभी देशों में भी मिलने लगे हैं। डॉक्टर के अनुसार संक्रमित लोगों में से एक बड़ा हिस्सा वर्षों तक बिना किसी लक्षण के ही रहता है जिससे इस बीमारी का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। हालांकि इस बीमारी के लक्षण अभी तक भारत में देखने को नहीं मिले हैं लेकिन भारत के लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
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बचाव ही है सबसे बेहतर उपाय
Chagas Disease से बचने के लिए साफ सफाई का ध्यान रखना चाहिए और कीड़ों से बचाव करना चाहिए। जैसा कि हमने आपको बताया कि यह बीमारी कीड़ों से फैलती है इसलिए जिन क्षेत्रों में यह बीमारी ज्यादा पाई जाती है वहां जागरूकता और नियमित जांच बहुत जरूरी भूमिका निभाती है।
