Manipal University Jaipur में Business Analytics Conclave 2.0 का आयोजन, AI पर हुई चर्चा। जानिए इस कार्यक्रम की मुख्य बातें।

Industry experts at Business Analytics Conclave 2.0 Manipal University Jaipur

जयपुर स्थित मनिपाल यूनिवर्सिटी (MUJ) के टीएपीएमआई (TAPMI) स्कूल ऑफ बिजनेस ने हाल ही में Business Analytics Conclave 2.0 का सफल आयोजन किया। ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा-ड्रिवन डिजाइन के बदलते स्वरूप पर विस्तार से चर्चा करना था। इस कॉन्क्लेव में शिक्षा जगत और उद्योग जगत के दिग्गजों ने शिरकत की।

भविष्य की तकनीक और बिजनेस एनालिटिक्स

मनिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के श्रीमती वासंती आर. पाई ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों को डेटा एनालिटिक्स की बारीकियों से रूबरू कराया। कार्यक्रम की थीम “AI, डेटा एनालिटिक्स और डेटा ड्रिवन डिजाइन का भविष्य” रखी गई थी। आज के दौर में जिस तरह से कंपनियां अपने निर्णय लेने के लिए डेटा पर निर्भर हो रही हैं, उसे देखते हुए यह आयोजन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नीति निपुण शर्मा और फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट के डीन प्रो. (डॉ.) ब्रजेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। डॉ. ब्रजेश कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि कैसे उनका विभाग छात्रों को उद्योग की जरूरतों के हिसाब से तैयार कर रहा है।

ज्ञान के विस्तार पर जोर

Business Analytics Conclave 2.0 के दौरान प्रो. (डॉ.) नीति निपुण शर्मा ने ‘नॉलेज डबलिंग कर्व’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में जानकारी और तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है। ऐसे में छात्रों को निरंतर सीखने की प्रवृत्ति अपनानी होगी। उन्होंने यूनिवर्सिटी द्वारा पिछले 14 वर्षों में रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में की गई प्रगति पर भी गर्व व्यक्त किया।

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उद्योग विशेषज्ञों के अनुभव

इस कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल हुए नामचीन वक्ता थे। विप्रो, केपीएमजी (KPMG), फिडेलिटी इंटरनेशनल और एनटीपीसी (NTT) डेटा जैसे बड़े संस्थानों के प्रतिनिधियों ने छात्रों के साथ अपना अनुभव साझा किया। इन विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे AI केवल एक तकनीकी शब्द नहीं रह गया है, बल्कि यह बिजनेस स्ट्रैटेजी का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।

AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की भूमिका

पैनल डिस्कशन के दौरान वक्ताओं ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने रीयल-वर्ल्ड एप्लिकेशन्स यानी वास्तविक दुनिया में डेटा के उपयोग के उदाहरण दिए। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में केवल उन्हीं प्रोफेशनल्स की मांग रहेगी, जिनके पास एनालिटिक्स डोमेन में बेहतर तकनीकी और विश्लेषणात्मक कौशल होगा।

छात्रों के लिए सीखने का अवसर

इस आयोजन में केवल व्याख्यान ही नहीं, बल्कि इंटरैक्टिव क्यूएंडए (Q&A) सेशन भी रखा गया। इसमें छात्रों ने विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछे और करियर से जुड़ी अपनी शंकाओं का समाधान किया। नेटवर्किंग सेशन के जरिए विद्यार्थियों को उद्योग के दिग्गजों के साथ जुड़ने और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का मौका मिला।

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डेटा संचालित डिजाइन का महत्व

डिजाइन और डेटा का मेल अब हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। कॉन्क्लेव में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि डेटा केवल नंबर्स नहीं हैं, बल्कि यह उपभोक्ता व्यवहार को समझने का एक जरिया है। बिजनेस एनालिटिक्स कॉन्क्लेव 2.0 ने यह साबित कर दिया कि भविष्य उन लोगों का है जो डेटा को सही ढंग से प्रोसेस और यूटिलाइज करना जानते हैं।

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