भारत और इंडोनेशिया के बीच जकार्ता में रणनीतिक, रक्षा और तकनीकी सहयोग को नई मजबूती देते हुए 20 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। सबसे बड़ी घोषणा ब्रह्मोस मिसाइल (BrahMos Supersonic Cruise Missile) को लेकर हुई। इसके तहत भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के बाद ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है।
ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल अस्त्र मिसाइल भी खरीदेगा इंडोनेशिया
भारत-इंडोनेशिया रक्षा सहयोग के तहत इंडोनेशिया ने भारतीय अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल (Astra Air-to-Air Missile) खरीदने का भी फैसला किया है। यह वही स्वदेशी मिसाइल है, जिसका इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान किया गया था। इस समझौते से भारतीय रक्षा निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन विकसित करने में भारत करेगा मदद
दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में लोकतांत्रिक सहयोग भी शामिल है। भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (Electronic Voting Machine – EVM) विकसित करने में तकनीकी सहायता देगा। इससे दोनों देशों के बीच चुनावी तकनीक और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।
राष्ट्रपति प्रबोवो ने पीएम मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान (Indonesia Highest Civilian Award)
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (Indonesian President Prabowo Subianto) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशियाई संसद को संबोधित करते हुए इसे भारत और इंडोनेशिया के गहरे मित्रतापूर्ण संबंधों का प्रतीक बताया।
भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित (PM Modi Indonesia Visit)
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) जकार्ता में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में दोनों देशों के सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
1000 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर का करेंगे दौरा
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर (Prambanan Temple Indonesia) का भी दौरा करेंगे। एक हजार वर्ष से अधिक पुराने इस हिंदू मंदिर को दक्षिण-पूर्व एशिया की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों में गिना जाता है। यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक इतिहास तथा सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




