दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। जून 2020 में हुई इस घटना के छह साल बाद, दिशा के पिता सतीश सालियान ने मुंबई स्थित केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के कार्यालय पहुंचकर अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराया है। चार घंटे से अधिक चले इस बयान के दौरान उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेता सूरज पंचोली और डिनो मोरिया समेत कई अन्य प्रमुख हस्तियों के नाम अपनी शिकायत में शामिल किए हैं।
यह कदम बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा 2 सितंबर 2026 को जारी किए गए उस आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें अदालत ने सीबीआई को मामले की नए सिरे से जांच करने, एफआईआर (FIR) दर्ज करने और मृतका के पिता का विस्तृत बयान दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
बॉम्बे हाई कोर्ट का निर्देश और सीबीआई की एंट्री
सतीश सालियान ने मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने उचित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय केवल एक एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी।
न्यायमूर्ति सारंग वी. कोतवाल और न्यायमूर्ति रंजीतसिंह भोंसले की पीठ ने मामले में कई कानूनी और प्रक्रियात्मक कमियों पर ध्यान दिया। अदालत ने माना कि कारण जानने की प्रक्रिया (Section 174) किसी संज्ञेय अपराध की निष्पक्ष जांच का विकल्प नहीं हो सकती। इसके बाद हाई कोर्ट ने मुंबई पुलिस को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और केस फाइल तुरंत सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया।
सतीश सालियान और वकील नीलेश ओझा के मुख्य दावे
शुक्रवार को दोपहर लगभग 2 बजे सतीश सालियान अपने वकील नीलेश ओझा के साथ मुंबई में सीबीआई कार्यालय पहुंचे। लगभग चार घंटे की पूछताछ और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए वकील नीलेश ओझा ने बताया कि हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के तहत सीबीआई ने यह कदम उठाया है।
सतीश सालियान के अनुसार, उन्होंने घटना से जुड़ी पूरी जानकारी जांच अधिकारियों को सौंप दी है। उन्होंने कहा:
“मैंने अधिकारियों को वे सभी बातें बता दी हैं जो मेरी बेटी के साथ घटीं। मैंने आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया और अन्य व्यक्तियों के नाम जांच दल को दे दिए हैं। हमें न्याय व्यवस्था और सत्य पर पूरा विश्वास है।”
इसके अतिरिक्त, वकील नीलेश ओझा ने दावा किया कि मामले से जुड़ी कड़ियों की सही जांच होने पर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की गुत्थी सुलझाने में भी मदद मिल सकती है।
8 जून 2020 की घटना का पूरा घटनाक्रम
दिशा सालियान, जो कि मनोरंजन जगत में बतौर सेलिब्रिटी मैनेजर काम कर रही थीं, की मौत 8 जून 2020 की रात मुंबई के मालवणी स्थित एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के कारण हुई थी। इस घटना के ठीक छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित फ्लैट में मृत पाए गए थे।
दोनों घटनाओं के समय अंतराल और दिशा के पेशेवर संबंधों के कारण सार्वजनिक चर्चाओं में दोनों मामलों के जुड़े होने की आशंकाएं जताई जाती रही हैं। मुंबई पुलिस ने पूर्व की जांच में कहा था कि यह हादसा या आत्महत्या का मामला हो सकता है, लेकिन परिजनों ने इस निष्कर्ष को चुनौती देते हुए गंभीर आरोप लगाए थे।
कानूनी स्थिति और सीबीआई जांच की रूपरेखा
बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जांच शुरू होने का अर्थ यह नहीं है कि याचिका में नामजद किसी भी व्यक्ति को सीधे आरोपी मान लिया जाए।
- तथ्यों की निष्पक्ष जांच: अदालत ने निर्देश दिया है कि सीबीआई अधिकारी पर्याप्त सबूत और ठोस आधार मिलने पर ही किसी व्यक्ति को आरोपी के रूप में नामित करें।
- चार्जशीट या क्लोजर रिपोर्ट: यदि जांच में संज्ञेय अपराध के प्रमाण मिलते हैं, तो एजेंसी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत चार्जशीट दाखिल करेगी। अन्यथा, सक्षम अदालत के समक्ष उचित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
- संरक्षण और अधिकार: याचिकाकर्ता को जांच प्रक्रिया से असंतुष्ट होने की स्थिति में विरोध याचिका (Protest Petition) दाखिल करने का अधिकार सुरक्षित रखा गया है।
निष्कर्ष
दिशा सालियान मामले में सीबीआई द्वारा पिता का बयान दर्ज किया जाना इस लंबी कानूनी लड़ाई का एक महत्वपूर्ण मोड़ है। जहां मुंबई पुलिस की पूर्व रिपोर्ट इसे दुर्घटना या खुदकुशी मानती रही है, वहीं अब केंद्रीय एजेंसी न्यायिक आदेशों के तहत सभी कोणों से साक्ष्यों और आरोपों का पुनः परीक्षण करेगी। निष्पक्ष जांच प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही घटना से जुड़े वास्तविक तथ्य और कानूनी निष्कर्ष सामने आ सकेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1: दिशा सालियान की मौत कब और कहां हुई थी?
A: दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मालवणी इलाके में स्थित एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के कारण हुई थी। वह एक सेलिब्रिटी मैनेजर थीं।
Q2: सीबीआई को इस मामले की जांच का आदेश किसने दिया?
A: बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को सतीश सालियान की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने और नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया।
Q3: सतीश सालियान ने सीबीआई के समक्ष अपने बयान में किन लोगों के नाम लिए हैं?
A: सतीश सालियान और उनके वकील नीलेश ओझा के अनुसार, उन्होंने अपने बयान में आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया और अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज कराए हैं।
Q4: क्या बॉम्बे हाई कोर्ट ने किसी व्यक्ति को दोषी या आरोपी ठहराया है?
A: नहीं, बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बिना पर्याप्त सबूतों और ठोस जांच सामग्री के किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा।
Q5: सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान के मामले में क्या संबंध बताया जा रहा है?
A: दिशा सालियान ने पूर्व में सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम किया था। दिशा की मौत के छह दिन बाद सुशांत सिंह राजपूत का शव मिला था, जिसके कारण दोनों मामलों के संभावित संबंधों पर कानूनी और सार्वजनिक चर्चाएं होती रही हैं।

