उत्तराखंड। उत्तराखंड के चमोली जिले में 30 अक्टूबर 2026 को बद्रीनाथ धाम से लौट रहा एक निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास क्रैश हो गया था। यह हेलीकाप्टर बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा लौट रहा था। इस हेलीकॉप्टर में 1 पायलट और 5 तीर्थयात्रियों समेत कुल 6 लोग सवार थे। हादसा शुक्रवार को लगभग 2.15 बजे तब हुआ था जब बद्रीनाथ से हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी थी। इसके बाद जोशीमठ के हाथी पहाड़ (चाई गांव) के आसपास इसका संपर्क अचानक टूट गया।इस हादसा में पायलट समेत सभी यात्रियों की मौत हो गई है।
शनिवार की सुबह निकाले गए शव
जोशीमठ क्षेत्र में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में मारे गए सभी 6 लोगों के शव देर रात सेना ने अपने कब्जे में ले लिए थे। हालांकि, अंधेरा होने और घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता दुर्गम होने के कारण शवों को रात में सड़क तक नहीं लाया जा सका। इसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। शनिवार सुबह एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और भारतीय सेना के जवान दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे। यहां से सड़क की दूरी करीब 10 से 12 किलोमीटर पैदल है। जवान दुर्गम पहाड़ी रास्ते से शवों को सड़क तक लाने में सफल हुए हैं। प्रशासन के अनुसार, शव काफी क्षत-विक्षत हालत में हैं, जिससे रेस्क्यू अभियान में अधिक समय लगा है।
बेंगलुरू के रहने वाले थें यात्री
हेलिकॉप्टर हादसे में मारे गए लोगों की पहचान कर ली गई है। पायलट की पहचान दिल्ली के शालीमार बाग निवासी 48 वर्षीय कैप्टन हिमांशु सभरवाल के रूप में हुई है, जबकि हेलिकॉप्टर में सवार सभी 5 यात्री कर्नाटक के बेंगलुरू के रहने वाले थें। सभी पांचों यात्रियों मे बेंगलुरु पुलिस के एक इंस्पेक्टर 44 वर्षीय अरुण सोलंकी शामिल थे. उन्हें एक अच्छा पुलिस अधिकारी माना जाता था। अरुण सोलंकी मूल रूप से कर्नाटक के बेलगावी ज़िले के रहने वाले थे। वह अपने चार दोस्तों के साथ बद्रीनाथ घूमने गए थे. उनके साथ गए दो दोस्त वकील थे। अरूण बेंगलुरु सिटी पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) में तैनात थे, जबकि अन्य चार मृतकों में 41 साल के प्रताप बी. निंगराजू, 49 साल के सुधीर के., 51 साल के एच.एस. नटराज और 39 साल के वी.बी. शंकर गौड़ा शामिल हैं। एक ही शहर के रहने वाले इन पांच लोगों की मौत से इलाके में मातम छा गया है।




