डायबिटीज से जूझ रहे लाखों लोग रोजाना घर पर Blood Sugar मॉनिटर करते हैं, लेकिन छोटी-छोटी गलतियों के कारण टेस्ट की रीडिंग गलत आ सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, जांच का सही समय, तरीका और सावधानियां न अपनाने से कोई भी पेशेंट भ्रमित हो सकते हैं और उनके इलाज पर भी असर पड़ता है।

Blood Sugar जांच का गलत समय चुनना
डॉक्टरों का कहना है कि अधिकतर लोग खाना खाने के दो घंटे बाद ही शुगर जांचते हैं, जबकि सही तरीका है, खाने की पहली बाइट लेने के ठीक दो घंटे बाद शुगर टेस्ट करना होता है। अगर समय की गणना गलत होगी तो रीडिंग भी वास्तविक स्थिति नहीं दिखा पाएगी। इससे अधिकतर पेशेंट को पोस्ट-मील शुगर का सही अंदाजा नहीं लग पाता है।
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फास्टिंग टेस्ट से पहले शारीरिक गतिविधि
कई लोग सुबह उठकर टहलने या हल्की एक्सरसाइज करने के बाद फास्टिंग Blood Sugar चेक करते हैं। डॉक्टर के अनुसार, ऐसा करने से शुगर टेस्ट की रीडिंग प्रभावित हो सकती है। फास्टिंग शुगर हमेशा हमें नींद से उठने के तुरंत बाद, बिना कुछ खाए पीए और बिना किसी activity के मापी जानी चाहिए।
उंगली को दबाकर खून निकालना
अक्सर लोग खून न निकलने पर उंगली को जोर से दबाने लगते हैं। इससे खून के साथ टिशू फ्लूइड भी मिलकर बाहर आ जाता है, जो रीडिंग को कम दिखा सकता है। डॉक्टर ऐसी सलाह देते हैं कि उंगली को हल्के से दबाएं या साइड से प्रिक करें, ताकि शुद्ध सैंपल ही आपको मिले।
गीले हाथों से टेस्ट करना
हाथों पर सैनिटाइज़र, क्रीम या पानी के अंश होने से Blood Sugar की रीडिंग भी प्रभावित हो सकती है। अल्कोहल या अन्य केमिकल स्ट्रिप के साथ ये रिएक्ट भी कर सकते हैं। इसलिए टेस्ट से पहले अपने हाथ साबुन और पानी से धोकर पूरी तरह सुखा लेना जरूरी होता है।
लैंसेट और स्ट्रिप का बार-बार इस्तेमाल
एक ही लैंसेट को कई बार उपयोग करना न केवल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ाता है, बल्कि आपकी टेस्ट सैंपल की क्वालिटी पर भी असर डालता है। इसी तरह, एक्सपायरी डेट वाली स्ट्रिप्स से ली गई रीडिंग भी भरोसेमंद नहीं होती है। हर कुछ दिनों में लैंसेट को बदलना और स्ट्रिप की तारीख जांचना जरूरी होता है।
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डॉक्टर की सलाह, रिकॉर्ड रखें और पैटर्न समझें
डॉक्टर का सुझाव है कि हर Blood Sugar के पेशेंट रीडिंग को नोट करें। इससे पैटर्न समझने में आपको मदद मिलती है और डॉक्टर इलाज में सही तरीके से बदलाव कर पाते हैं। केवल ग्लूकोमीटर पर ही निर्भर रहने के बजाय आपको समय-समय पर HbA1c जैसे लैब टेस्ट भी कराना चाहिए। घर पर शुगर जांचना आसान होता है, लेकिन सही तरीका अपनाना उतना ही जरूरी होता है।
