Bihar Election 2025 Result : बिहार के सासाराम में विधानसभा चुनाव के मतगणना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 13 नवंबर को, रोहतास जिले के मुख्यालय सासाराम के तकिया बाजार स्थित बाजार समिति प्रांगण में मतगणना के स्ट्रांग रूम के बाहर भारी हंगामा देखने को मिला। महागठबंधन समेत अन्य दलों के उम्मीदवार और उनके समर्थक इस दौरान जोरदार विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। मामला उस समय गरमाया जब उन्हें पता चला कि स्ट्रांग रूम के अंदर का सीसीटीवी कैमरा अचानक बंद हो गया है। साथ ही, शाम के अंधेरे में एक ट्रक बिना किसी जांच-पड़ताल के सीधे स्ट्रांग रूम के अंदर घुस गया। इस घटना को लेकर उम्मीदवारों में भारी आक्रोश फैल गया।
मतगणना के समय स्ट्रांग रूम में बंद हो गए सीसीटीवी
बिहार के सासाराम में मतगणना के समय स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरे बंद होने पर राजद कार्यकर्ताओं संग उम्मीदवारों ने कई घंटे बवाल काटा। हंगामा बढ़ने पर चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। राजद के उम्मीदवार दिनारा के राजद प्रत्याशी राजेश यादव और सासाराम के सत्येंद्र साह, अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वे सीधे स्ट्रांग रूम के सामने धरने पर बैठ गए और ईवीएम बदलने की कथित कोशिश का आरोप लगाया।
रात में स्ट्रांग रूम के बाहर क्यों आया ट्रक – राजद उम्मीदवार
राजद उम्मीदवार राजेश यादव ने कहा, “अभी-अभी खाली ट्रक अंदर गया है, उसमें ईवीएम है। शिकायत के बाद भी प्रशासन सुनने को तैयार नहीं। सीसीटीवी कैमरा बंद पाया गया, साफ है कि खेल हो रहा है।” वहीं, सत्येंद्र साह ने कहा, “रात में स्ट्रांग रूम के बाहर ट्रक क्यों घुसा? सीसीटीवी बंद है, यह ईवीएम बदलने की साजिश है। रोहतास की सभी सातों सीटों पर महागठबंधन जीत रहा है, इसलिए यह सब घबराहट में हो रहा है।”
डीएम ने राजद उम्मीदवारों को समझाया
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर तुरंत ही जिला प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। रोहतास के एसपी रौशन कुमार और डीएम उदिता सिंह दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ट्रक की जांच की तो पाया गया कि उसमें केवल खाली बक्से रखे हुए थे। डीएम ने उम्मीदवारों को समझाया कि यदि उन्हें कोई संदेह है तो संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी देखी जाएगी। एसडीएम आशुतोष रंजन ने स्पष्ट किया कि ये खाली बक्से मतगणना के बाद ईवीएम रखने के लिए हैं, जो 10 नवंबर को पहुंचने थे लेकिन अभी तक डिले हो गए हैं।
बिहार की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठे सवाल
गौरतलब है कि सासाराम में हुई इस घटना के बाद बिहार चुनाव की निष्पक्षता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतगणना की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और चुनाव की निष्पक्षता को लेकर जनता का भरोसा कैसे बरकरार रहता है। आगे की अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहिए।
