MP: भोपाल रेलवे स्टेशन की गंदगी पर NGT सख्त, लगाया 10.06 लाख रुपये का जुर्माना

Fine Imposed at Bhopal Railway Station: भोपाल रेलवे स्टेशन पर बदहाल कचरा प्रबंधन और गंदगी के मामले में एनजीटी ने सख्ती दिखाई है। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्टेशन की पर्यावरणीय क्षति का आकलन करते हुए 10.06 लाख रुपये की Environmental Compensation राशि तय की है, जिसकी वसूली के लिए रेलवे को नोटिस जारी किया गया है। सुनवाई के दौरान रेलवे को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया, जबकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को भी अपना पक्ष रखने के लिए समय मिला है। स्टेशन पर कचरा प्रबंधन, नालियों की सफाई और गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण में खामियां मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

Fine Imposed at Bhopal Railway Station: भोपाल रेलवे स्टेशन पर गंदगी और खराब Waste Management को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रेलवे पर 10.06 लाख रुपये की Environmental Compensation का आकलन पेश किया है। मंगलवार को हुई सुनवाई में एनजीटी की पीठ ने बताया कि इस राशि की वसूली को लेकर रेलवे को नोटिस जारी किया गया है।

रेलवे को जवाब के लिए दो सप्ताह

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एसके सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से Compliance Report प्रस्तुत की गई, जिसमें पिछली सुनवाई में दिए गए निर्देशों के आधार पर पर्यावरणीय क्षति का आकलन शामिल था। रेलवे ने नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। एनजीटी ने रेलवे को इसके लिए दो सप्ताह की मोहलत दी है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

CPCB को जवाब दाखिल करने के निर्देश

सुनवाई के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से बताया गया कि एनजीटी की वेबसाइट के पोर्टल पर उसका नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा है। इस पर पीठ ने रजिस्ट्री को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि सीपीसीबी मामले में अपना जवाब दाखिल कर सके। इसके लिए भी दो सप्ताह का समय दिया गया है।

स्टेशन पर कचरा प्रबंधन में मिली खामियां

एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत Joint Committee Report में भोपाल रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को लेकर कई कमियां सामने आई हैं। निरीक्षण के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 के पास नालियां चोक और ओवरफ्लो मिलीं। वहीं प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर ठोस कचरा रखने का स्थान पूरी तरह ढंका हुआ नहीं पाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे ट्रैक और उसके आसपास कचरे से भरे बैग भी मिले। इसके अलावा Solid Waste Management के तहत कचरे के उचित संग्रहण और गीले-सूखे कचरे को अलग करने की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई।

नए कचरा भंडारण स्थल की जानकारी

निरीक्षण के दौरान रेलवे की ओर से कचरा भंडारण के लिए नए स्थल के निर्माण की जानकारी दी गई थी। अब एनजीटी की निगरानी में रेलवे को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति और स्टेशन की Cleanliness & Waste Management System से जुड़ी कमियों पर जवाब देना होगा।

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