Tourist Places In Rewa: रीवा आए और इन खूबसूरत जगहों का दीदार नहीं किया तो क्या किया?

Rewa tourism

Tourist Places Near Rewa MP: रीवा जिले में पर्यटन की इतनी संभावनाएं हैं कि सैलानी घूमते-घूमते थक जाएंगे लेकिन टूरिस्ट प्लेसेस खत्म नहीं होंगे।

Best Tourist Spots In Rewa: भारत से हर साल लाखों लोग दुनिया का सबसे फेमस वाटरफॉल ‘नियाग्रा’ देखने के लिए अमेरिका-कनाडा चले जाते हैं. अरे हम कहते हैं क्या है Niagara में? लप्पू सा वाटरफॉल है! 99 मीटर हाइट है और ज्यादा कुछ नहीं बस ‘नाम बड़े और दर्शन छोटे’ वाला सीन है. असली सीनरी देखनी है तो रीवा के वाटरफॉल का दीदार करो. जब बहुति जल प्रपात (Bahuti Waterfall) 650 फ़ीट ऊपर से पानी गिरता है तो देखकर आंखे चौंधिया जाती हैं. पुरवा प्रपात का पानी ऐसा गिरता है कि देखने आए टूरिस्ट तरबतर हो जाते हैं और जब चचाई के झरने में डूबते सूरज की किरणे पड़ती हैं तो नजारा स्वर्ग से कमजोर नहीं होता। सिर्फ इतना ही नहीं रीवा में घूमने-देखने लायक बहुत कुछ है. आज World Tourism Day है इसी ख़ुशी में हम मिठाई तो बांट नहीं सकते लेकिन आपको आपको रीवा के बेस्ट टूरिस्ट प्लेसेस के बारे में जरूर बता सकते हैं. जिन्हे अपनी आंखों के सामने देखना मिठाई खाने से ज्यादा आनंद देता है.

रीवा के चचाई, पुरवा, क्योंटी, बहुति के बारे में तो सब जानते हैं. इनके बारे में भी हम आपको जानकारी देंगे लेकिन पहले अपन चर्चा करेंगे रीवा के उन टूरिस्ट अट्रैक्शन स्पॉट्स के बारे में जिन्हे बहुत कम लोग जानते हैं.

सिरमौर टोंस वाटरफॉल

रीवा जिले का सिरमौर क्षेत्र टूरिज्म के मामले में बहुत लकी है. यहां हर एक-डेढ़ किलोमीटर में ऐसे-ऐसे नज़ारे देखने को मिल जाते हैं कि लगता है कि बस यहीं टेंट लगाकर दीदार करते रहें।

सिरमौर टोंस को आप पंचमढ़ी के बी-फॉल का छोटा वर्जन कह सकते हैं. यहां पहाड़ों से रिसते हुए पानी की बौछार का मजा मिलता है. सूर्य की किरणे जब छोटे-छोटे झरनों से होकर गुजरती हैं तो हर तरफ इंद्रधनुष नज़र आते हैं. ये जगह चमत्कारी भी है, क्योंकि कई फ़ीट ऊपर से गिरता हुआ झरना जमीन में पड़ने के बाद कहां गायब हो जाता है कुछ पल्ले ही नहीं पड़ता। बहुत खूबसूरत जगह है.

आल्हा घाट

सिरमौर टोंस वाले रास्ते से पहले ही आल्हा घाट नाम की एक जगह पड़ती है. यहां आपको प्राचीन मानव द्वारा निर्मित गवाएं मिलती हैं. आदिकाल के शिलालेख और प्राचीन मूर्तियां यहां मिलती हैं. यहां का सनसेट सिरमौर के जंगलों को सुनहरा कर देता है. लाजवाब सीनरी दिखाई देती है.

योगिनी मात्रा के शैलचित्र

आल्हा घाट और सिरमौर टोंस वाले रास्ते में ही योगिनी माता मंदिर नाम की एक जगह है. यहां पर आदिमानवों द्वारा बनाए गए शैलचित्र हैं. जैसे भीमबठका में हैं न… वैसे ही लेकिन थोड़ी कम मात्रा में हैं. लेकिन जितने भी हैं आपको आज से 10 हजार साल पहले के युग में ले जाने के लिए काफी हैं.

घिनौची धाम

सिरमौर में ही घिनौची धाम यानि पियावन है. यहां भी झरने की एक धारा नीचे स्थापित शिवलिंग में गिरकर जलाभिषेक करती है. जंगल की ख़ामोशी के बीच झर-झर गिरता झरना… वाह क्या मजेदार जगह है.

कैसे जाएं- रीवा से लगभग 40 KM दूर सिरमौर में जाने के बाद THC यानी टोंस हाइडल कॉर्पोरेशन वाले रास्ते में जाएं, सिरमौर से 6 किलोमीटर दूर ही इन सभी टूरिस्ट स्पॉट का बोर्ड लगा है. जंगल की तरफ रास्ता जाता है. ठीक बगल में THC का बिजली बनाने वाला प्लांट भी है. बस उसी रास्ते में चलते जाइये।

रीवा के फेमस वाटरफॉल्स

बहुति वाटरफॉल

Bahuti Waterfall मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा झरना (Highest Waterfall In MP) है. जिसकी ऊंचाई 650 फ़ीट है. मोहगंज की घाटी में मौजूद बहुति जल प्रपात को देखने का असली मजा बरसात के मौसम में है. जब इतनी ऊंचाई से पानी गिरता है तो यहां ‘रिवर्स वाटरफॉल’ भी बनता है. माने पानी गिरने की जगह उड़ने लगता है. यहां एडवेंचर की कोई कमी नहीं है. आप चाहें तो थोड़ा रिस्क लेकर 650 नीचे जंगल के अंदर उतर सकते हैं यहां एक बाबा की झोपडी भी है.

चचाई वाटरफॉल

चचाई तो वाटरफॉल्स की जान है रीवा की शान है, लेकिन ज़्यादातर वक़्त अब यह सूखा ही रहता है क्योंकि वहां विकास हुआ है, और इस खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट का विनाश, डेम बनने से अब चचाई में पानी नहीं जाता लेकिन बारिश में जब डेम लबालब होता है तो पानी छोड़ना पड़ता है. इसी के साथ चचाई वाटरफॉल के अंदर नई जान आ जाती है. यहां वाटरफॉल से ज़्यादा एडवेंचर्स है इसका कुंड, जहां तक जाने के लिए आपको नीचे उतरना होगा, और वहीं से दीखता है असली नज़ारा।

क्योंटी जल प्रपात

सिरमौर में एक और वाटरफॉल है जो सबसे खूबसूरत है, यहां बारिश में हर तरफ से झरने बहते हैं. यहां का दृश्य इतना लाजवब होता है कि हम लिखकर प्रकृति की खूबसूरती का जवाब नहीं दे सकते। इतना ही नहीं क्योंटी में एक ऐतिहासिक विशालकाय महल है. जिसे देखने पर रीवा रियासत के इतिहास की ताकत का पता चलता है. बड़ी मस्त जगह है. एक बात और यह भारत का 24 वां सबसे ऊंचा झरना है जिसकी ऊंचाई 322 फ़ीट है

कैसे पहुंचे: सिरमौर में ही है, सिर्फ 40 किलोमीटर दूर है, बोर्ड लगा है पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं होगी

पुरवा जल प्रपात

बड़ा खुबसूरत और विहंगम दृश्य होता है जब बारिश का मौसम पीक में हो और पूर्वा जलप्रपात पानी से लबालब हो. जब झरने की आवाज सुनाई देती है तो बगल वाला क्या चिल्ला रहा है सुनाई नहीं देता, बस जी करता है इस 200 फ़ीट ऊंचे झरने को एकटक निहारते रहें।

कैसे जाएं: रीवा सिटी से 40 किलोमीटर दूर सेमरिया में पूर्वा जलप्रपात है, बारिश के मौसम में पूरी घाटी से बड़े-बड़े झरने फूटते हैं, बहुत मजा आता है.

अष्टभुजा मंदिर और वाटरफॉल

बहुती प्रपात के पास ही में एक अष्टभुजा मंदिर है, जहां एक और वाटरफॉल है जो बहुत सुन्दर है. बहुती जाएं तो अष्टभुजा वाटरफॉल भी जरूर जाएं क्योंकि बहुत लोगों को इसके बारे में मालूम नहीं है.

कैसे जाएं: रीवा सिटी से लगभग 68 KM दूर नईगढ़ी के सुमेदा कलन में बहुती वाटरफॉल मौजूद है. बढ़िया हाइवे बना है, पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

रुको…. पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त

ये तो अपन वाटरफॉल की बात कर रहे थे अभी रीवा में घूमने लायक और भी जगहें हैं. उनके बारे में भी जान लीजिये

Mukundpur White Tiger Safari

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रीवा शहर से सिर्फ 13 किमी दूर सतना जिले के मुकुंदपुर में बना है महाराजा मार्तण्ड सिंह जु देव चिड़ियाघर और सफ़ेद बाघ सफारी। ये Zoo भी है और जंगल सफारी भी है. यहां आपको शेर, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, भेड़िया, बाघ, सफ़ेद बाघ, भालू, हिरण, इमो और तरह-तरह के वन्य प्राणी देखने को मिल जाएंगे।

Govindgarh Lake

वाइट् सफारी सिर्फ 9 किलोमीटर आगे पड़ता है गोविंदगढ़ लेक, और इसी लेक के बगल में मौजूद है गोविंदगढ़ का ऐतिहासिक किला।

शिकारगाह

गोविंदगढ़ से सीधी के रास्ते विंध्य पर्वत पर पड़ती है छुहिया घाटी। एक ज़माने में राजा-महाराजा इसी घाटी के टॉप में जाकर शिकार खेला करते थे. यहां एक ऐतिहासिक अधोसंरचना भी है. यहां से जो नजारा दिखाई देता है उसकी बात ही कुछ और है.

ऐसी और भी बहुत सी जगह हैं. हम आपको Rewa Tourism के चैप्टर-2 में ऐसी-ऐसी घूमने फिरने वाली जगहों के बारे में बतातेंगे जिनके बारे में आपने सुना भी नहीं होगा। इसके अलावा बौद्धों द्वारा बनाए गए देउर कोठार के इतिहास पर भी चर्चा करेंगे।

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