देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में आज कामकाज पूरी तरह ठप नजर आ रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आयोजित इस Bank Strike Today ने करोड़ों ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार चार दिनों की छुट्टियों के बाद आज मंगलवार को बैंक खुलने थे, लेकिन हड़ताल के कारण शाखाओं में ताले लटके हैं। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से बैंकिंग सेक्टर में लंबे समय से लंबित ‘5-डे वर्क वीक’ की मांग को लेकर किया जा रहा है।
देशभर के सरकारी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी आज सड़कों पर हैं। हड़ताल का असर न केवल काउंटर ट्रांजेक्शन पर पड़ा है, बल्कि चेक क्लियरिंग और प्रशासनिक कार्यों में भी भारी देरी देखी जा रही है। 23 जनवरी से शुरू हुआ छुट्टियों का सिलसिला अब हड़ताल के कारण पांचवें दिन भी बैंकिंग सेवाओं में रुकावट पैदा कर रहा है।
हड़ताल की मुख्य वजह: 5-डे वर्क वीक का मुद्दा
बैंक यूनियनों की सबसे बड़ी मांग है कि बैंकों में सप्ताह में केवल पांच दिन काम करने का नियम लागू किया जाए। वर्तमान में, बैंक दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को कामकाज होता है। कर्मचारियों का तर्क है कि कार्यक्षमता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सभी शनिवार को छुट्टी अनिवार्य होनी चाहिए।

सरकार और IBA के साथ वार्ता रही बेनतीजा हड़ताल पर जाने से पहले 22 और 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ सुलह बैठकें आयोजित की गई थीं। इन बैठकों में UFBU के प्रतिनिधियों ने सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के सामने अपनी बात रखी। हालांकि, किसी भी ठोस आश्वासन के अभाव में यूनियनों ने अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया।
Bank Strike Today: किन सेवाओं पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
हड़ताल के कारण देशभर की बैंक शाखाओं में नकद जमा, निकासी और पासबुक अपडेट जैसे काम नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई (UPI) और नेट बैंकिंग सेवाएं सुचारू रूप से काम कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बंदी के कारण एटीएम में नकदी की किल्लत हो सकती है, क्योंकि कैश रिप्लेसमेंट की लॉजिस्टिक चेन प्रभावित हुई है।
निजी बैंकों में स्थिति सामान्य राहत की बात यह है कि एचडीएफसी (HDFC), आईसीआईसीआई (ICICI) और एक्सिस बैंक (Axis Bank) जैसे बड़े निजी बैंकों में कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है। इन बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हैं, इसलिए उनके ग्राहकों को किसी बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
क्या है सरकार का रुख?
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने स्थिति को संभालने के लिए एसबीआई (SBI) और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के प्रबंध निदेशकों के साथ आपातकालीन बैठक की है। सरकार ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे वैकल्पिक माध्यमों से सरकारी लेनदेन और व्यापारिक गतिविधियों को जारी रखें।

कर्मचारी यूनियनों का पक्ष ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम ने स्पष्ट किया कि यह हड़ताल ग्राहकों को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि बैंक कर्मियों के अधिकारों के लिए है। उनका कहना है कि एक ‘आरामदेह’ बैंकर ही राष्ट्र की बेहतर सेवा कर सकता है।
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