रीवा: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रही बड़ी लापरवाहियों और अनैतिक गतिविधियों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए कड़ा एक्शन लिया है। रीवा के नए बस स्टैंड के पास संचालित आयुष्मान अस्पताल को जिला प्रशासन की सख्ती के बाद आगामी आदेश तक अंतरिम रूप से सील कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सुधाकर पाण्डेय द्वारा यह कार्रवाई 23 सितंबर की रात प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितताओं के आधार पर की गई है।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां
औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल संचालन में कई बड़े नियम-विरुद्ध मामले उजागर हुए हैं। अस्पताल प्रबंधन द्वारा पैरामेडिकल स्टाफ में किए गए बदलावों की सूचना प्रशासन को नहीं दी गई थी, साथ ही वर्ष 2024 से लेकर अब तक अस्पताल में हुई मरीजों की मौतों का रिकॉर्ड भी छिपाया गया। इसके अलावा, निर्धारित 100 बेड के अनुपात में पर्याप्त चिकित्सा कर्मी भी मौके पर मौजूद नहीं मिले।
सबसे गंभीर मामला एक शासकीय डॉक्टर (डॉ. केडी सिंह) से जुड़ा पाया गया, जिन पर बिना अनुमति के मरीजों का इलाज करने और अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप हैं। निरीक्षण के दौरान उनके साथ एक बीएचएमएस (BHMS) डॉक्टर भी मरीजों का उपचार करते हुए मिले।
संचालक को नोटिस और मरीजों के स्थानांतरण के निर्देश
प्रथम दृष्टया इन सभी गंभीर शिकायतों और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए अस्पताल संचालक डॉ. प्रियंका सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर और कड़ी व एकतरफा कार्रवाई की जाएगी, तब तक अस्पताल के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इसके साथ ही, सीएमएचओ ने अस्पताल में वर्तमान में भर्ती सभी मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत अन्य सुरक्षित चिकित्सा संस्थानों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी मरीज की जान को खतरा न हो।




