Ayushman Bharat Health Account : महाविद्यालय में आभा नंबर जागरूकता अभियान का आयोजन-रीवा। 03 जनवरी 2026: शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय, रीवा के समाजशास्त्र विभाग ने विद्यार्थियों के डिजिटल,सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। विभाग द्वारा आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा) नंबर के निर्माण और उसके महत्व को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम NAAC द्वारा ‘ए’ ग्रेड प्राप्त इस महाविद्यालय में डिजिटल भारत और स्वस्थ भारत की कल्पना को साकार करने की एक ठोस कोशिश है। रीवा के शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयुष्मान भारत आभा नंबर के महत्व पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित। 100+ विद्यार्थियों का आभा पंजीयन कराकर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की ओर कदम बढ़ाया। जानें आभा नंबर के लाभ और इसकी उपयोगिता।
कार्यक्रम का उद्देश्य एवं आयोजन
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी के निर्देशन और समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. अखिलेश शुक्ल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा नंबर की उपयोगिता, आवश्यकता और लाभों से अवगत कराना था। डॉ. महानंद द्विवेदी के संयोजन में हुए इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आभा नंबर-आपका एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य पहचान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. अखिलेश शुक्ल ने बताया कि आभा नंबर 14 अंकों की एक विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान संख्या है। यह नागरिकों को उनके सम्पूर्ण स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संग्रहीत करने की सुविधा प्रदान करता है। यह डिजिटल आईडी देशभर के विभिन्न स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच मरीज के स्वास्थ्य संबंधी डेटा की निर्बाध और सुरक्षित साझेदारी सुनिश्चित करती है। इससे न केवल उपचार में निरंतरता बनी रहती है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सरल, पारदर्शी, कुशल और प्रभावी बनती हैं। आपातकालीन स्थिति में भी कहीं से भी आपका स्वास्थ्य रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध हो सकता है जो जानलेवा साबित हो सकती है।
ठोस परिणाम-100 विद्यार्थियों का हुआ आभा पंजीयन
समाजशास्त्र विभाग ने केवल जागरूकता तक ही सीमित न रहकर एक ठोस कदम उठाया। 02 जनवरी 2026 को आयोजित एक विशेष सत्र में विभाग ने 100 से अधिक विद्यार्थियों का आभा नंबर पंजीयन सफलतापूर्वक कराया। यह पहल विद्यार्थियों को देश की डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना से सीधे जोड़ने का काम करेगी।
विद्यार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने इस पहल का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य पहचान की महत्ता को समझा और इसके भविष्य में मिलने वाले दीर्घकालिक लाभों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। विद्यार्थियों ने इसे आधुनिक युग की एक अनिवार्य आवश्यकता के रूप में देखा।
संदेश-डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अपनाएं, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
कार्यक्रम के समापन सत्र में प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग करने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डॉ. शाहेदा सिद्दीकी, डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव, डॉ. निशा सिंह, डॉ. प्रियंका पाण्डेय और योगेश निगम की सक्रिय सहभागिता रही।
निष्कर्ष-शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय का यह प्रयास न केवल छात्रों को एक डिजिटल टूल से परिचित करा रहा है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और स्वास्थ्य-सचेत नागरिक बनने की दिशा में प्रशिक्षित भी कर रहा है। आभा नंबर जागरूकता अभियान जैसे कार्यक्रम देश के युवाओं को डिजिटल इंडिया के साथ-साथ हेल्दी इंडिया के लक्ष्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
