Himanta Biswa Sarma on Gaurav Gogoi : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पर पाकिस्तान से जुड़े ISIS से संबंधों के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि गौरव गोगोई 2013 में बिना किसी जानकारी के पाकिस्तान गए थे और वहाँ किसी तरह का प्रशिक्षण भी लिया है। गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी से कराने का फैसला लिया गया है।
CM हिमंता ने गौरव गोगोई पर लगाएं पाकिस्तान से संबंध का आरोप
रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई बड़े दावे किए। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि गौरव गोगोई 2013 में गुपचुप तरीके से पाकिस्तान गए थे, और इसकी जानकारी भारतीय अधिकारियों को नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि आशंका है कि उस दौरान गोगोई ने वहाँ कोई प्रशिक्षण लिया हो। यह बयान विधानसभा चुनाव से पहले दिया गया है।
CM हिमंता ने गौरव गोगोई की पत्नी पर भी लगाया आरोप
असम के सीएम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप है कि एलिजाबेथ भारत में काम करते हुए देश की जानकारी पाकिस्तान को भेजती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि एलिजाबेथ नौ बार पाकिस्तान गई थीं और वे दो भारतीय संस्थाओं में काम कर चुकी हैं।
सीएम हिमंता ने वायरल तस्वीर का किया जिक्र
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने एक वायरल तस्वीर का भी जिक्र किया, जिसमें गौरव गोगोई युवाओं के साथ पाकिस्तान दूतावास जाते दिख रहे थे। उस समय भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित थे। हिमंता ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से पाकिस्तान को मदद पहुंचाने की कोशिश की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि एलिजाबेथ ने 2011 से 2012 के बीच पाकिस्तान में काम किया था, और इस दौरान उनके अली तौकीर शेख से करीबी संबंध बन गए। मुख्यमंत्री का यह भी कहना था कि अली तौकीर शेख को पर्यावरणविद मानना गलत है। उनका आरोप है कि शेख भारत-पाकिस्तान विवाद जैसे सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के पक्ष में काम कर रहे थे। एसआईटी रिपोर्ट में इन तीनों के पाकिस्तान से सीधे संबंध होने का दावा किया गया है।
गृह मंत्रालय कराएगा जाँच
असम सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक SIT बनाई थी, जिसमें पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख, गौरव गोगोई और उनकी पत्नी का नाम भी शामिल है। SIT ने 10 सितंबर को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी थी। उसके बाद असम के कैबिनेट ने फैसला किया कि इस मामले की जांच अब केंद्र की एजेंसी से कराई जाए। अब यह मामला गृह मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। अब गृह मंत्रालय ने इस मामले की जाँच कराने के आदेश दिए हैं।
