अरुणाचल में भारत-चीन के सैनिक आमने-सामने, बातचीत के बाद भी तनाव बरकरार

ITBP DG

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन अरुणाचल प्रदेश में तनाव अब भी बना हुआ है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा समेत कई इलाकों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना हुआ है। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बैठकें होने के बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। ITBP प्रमुख के इस बयान के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाए हैं।

लगातार बैठकों के बावजूद सीमा पर तनाव

ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर राजस्थान के अलवर स्थित सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज में हिमवीर सम्मान समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर मौजूदा हालात की जानकारी दी।

कपूर के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर दोनों देशों के सैनिकों का आमना-सामना हुआ है और तनाव की स्थिति बनी हुई है।

गौरतलब है कि भारत और चीन सीमा विवाद को सुलझाने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत कर रहे हैं। अगस्त और सितंबर 2026 में दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। इनमें सीमा मामलों पर बातचीत के लिए कार्यकारी तंत्र (WMCC), विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता और सैन्य कमांडर स्तर की बैठकें शामिल हैं।

सितंबर में अरुणाचल प्रदेश के वाचा और चीन की ओर स्थित दमाई में सैन्य कमांडर स्तर की बैठकें भी हुई थीं। इसके बावजूद सीमा पर तनाव बने रहने की खबरें सामने आ रही हैं।

सितंबर 2026 में भारत ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हुए थे। सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर भी बातचीत हुई थी।

ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमता बढ़ा रही ITBP

सीमा पर सुरक्षा चुनौतियों के बीच ITBP अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर भी काम कर रही है। शत्रुजीत कपूर ने बताया कि ड्रोन ने युद्ध लड़ने के पारंपरिक तरीकों को काफी बदल दिया है। ऐसे में बल ड्रोन तकनीक विकसित करने और दुश्मन के ड्रोन को रोकने की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है।

उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों और संसाधनों की सुरक्षा के लिए भूमिगत शेल्टर बनाने की योजना का भी जिक्र किया। इनका उद्देश्य किसी संघर्ष या युद्ध जैसी स्थिति में जवानों को सुरक्षित रखना है।

ITBP प्रमुख के मुताबिक, बदलती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए आधुनिक तकनीक और बेहतर बुनियादी ढांचे पर काम करना जरूरी है।

ITBP प्रमुख के बयान पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

ITBP प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन नीति पर सवाल उठाए।

जयराम रमेश ने लिखा, “एक तरफ जहां खुद को ‘विश्वगुरु’ कहने वाले नेता चीन को लगातार रियायतें दे रहे हैं, वहीं ITBP के महानिदेशक ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ टकरावों में अपने जवानों के प्रदर्शन की तारीफ की है। यह तारीफ जायज भी है। लेकिन इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री और उनके प्रशासन की ओर से पूरी तरह खामोशी छाई हुई है।”

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सीमा पर हो रही घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने चीन के साथ सीमा सुरक्षा, व्यापार घाटे और अरुणाचल प्रदेश में चीन की गतिविधियों से जुड़े मुद्दे भी उठाए।

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