Doda Army Truck Accident : जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार दोपहर एक बड़ा सैन्य हादसा हो गया। एक ऑपरेशन के लिए जा रही भारतीय सेना की बुलेटप्रूफ कैस्पर गाड़ी अनियंत्रित होकर 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। यह दुर्घटना भदरवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर स्थित 9000 फीट ऊंचे ‘खन्नी टॉप’ के पास हुई। वाहन में कुल 21 जवान सवार थे, जिनमें से 10 जांबाजों ने शहादत प्राप्त की, जबकि 11 अन्य घायल हो गए। घायलों को तुरंत एयरलिफ्ट कर सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भोजपुर ने खोया अपना लाल, परिवार में पसरा मातम।
शहीदों में बिहार के भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड स्थित नथमलपुर गांव के रहने वाले 38 वर्षीय हरेराम कुंवर भी शामिल हैं। हरेराम कुंवर साल 2011 में दानापुर स्थित बिहार रेजिमेंट की फोर्थ बिहार यूनिट में भर्ती हुए थे। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। शहीद के पीछे उनके दो बेटे और भरा-पूरा परिवार है। उनकी जुड़वा बहन रिंकी देवी भाई के जाने की खबर से पूरी तरह बदहवास हैं और बड़े भाई जय प्रकाश कुंवर, जो कि एक शिक्षक हैं, परिजनों को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
वो जिंदा तो हैं ना? पत्नी ने पूछा हृदयविदारक सवाल। Doda Army Truck Accident
हादसे के बाद शहीद के घर का माहौल अत्यंत मार्मिक है। घर में मौजूद पत्नी और वृद्ध मां को शुरुआत में अनहोनी की जानकारी नहीं दी गई थी। जब मीडिया की टीम वहां पहुंची, तो अनहोनी की आशंका से घबराई पत्नी ने रिपोर्टर से पहला सवाल यही किया, “वो जिंदा तो हैं ना? कब लौटेंगे?” पत्नी की आंखों में छिपी उम्मीद और बेबसी ने वहां मौजूद हर शख्स को झकझोर कर रख दिया। परिवार अब बस अपने लाडले के पार्थिव शरीर का अंतिम दीदार करने का इंतजार कर रहा है।
मेधावी छात्र से जांबाज सैनिक तक का सफर। Doda Army Truck Accident
हरेराम कुंवर बचपन से ही मेधावी और अनुशासित थे। उन्होंने 2003 में शाहपुर प्रखंड के बरिसवन गांव से मैट्रिक और 2005 में आरा के महाराजा कॉलेज से इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त की थी। पढ़ाई के बाद देश सेवा का जज्बा उन्हें सेना में ले गया। एक दशक से अधिक के अपने कार्यकाल में उन्होंने विभिन्न दुर्गम क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं। डोडा का यह इलाका अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है, जहां एक चूक और तकनीकी खराबी के कारण यह भीषण हादसा हुआ।
