क्या आप भी हैं Dhurandhar के वायरल गीत FA9LA के दीवाने पढ़ते भी हैं ग़लत और गाते भी हैं ग़लत गाना तो जानिए क्‍या है ‘फ़स्ला’, Dhurandhar के वायरल गीत का असल मतलब

FASLA (1)

Viral Song Meaning :’धुरंधर’ फिल्‍म में अक्षय खन्‍ना के एंट्री सॉन्ग के जितने चर्चे हुए उतने तो फिल्म के और हीरो- हिरोइंस के नहीं हुए ये गीत सब पर हावी हो गया और लोग इसके शानदार म्यूज़िक पे झूम तो रहे हैं लेकिन इसके बोल को साफ़ साफ़ समझ नहीं पा रहे हैं सोशल मीडिया पर इस गाने पर रील बनाने वालों की भी कमी नहीं हैं तो अगर आप भी इस गाने का मतलब जानना चाहते हैं तो ये लेख आपके लिए है।

कहाँ का है ये गीत :-

सबसे पहले तो हम आपको बता दें इस गाने का मतलब हमें इसलिए नहीं समझ में आ रहा है क्योंकि ये गाना बहरीन का है और इसका उच्‍चारण ‘फा-नाइन-ला’ नहीं, बल्‍क‍ि ‘फ़स्‍ला’ है। 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ की ये भी दिलचस्‍प बात है कि रणवीर सिंह ने फिल्‍म के मुख्‍य किरदार हमज़ा का रोल निभाया है लेकिन सुर्ख़ियाँ ज़्यादा बटोरीं अक्षय खन्‍ना के निभाए किरदार रहमान डकैत ने । यूँ तो फिल्म में वो गैंगस्‍टर के किरदार में हैं फिर भी उनकी दमदार एक्टिंग ने सबका दिल जीत लिया हैरानी की बात ये है कि आम दर्शक ही नहीं पूरी फिल्म इंडस्ट्री उनकी दीवानी हो गई फराह खान ने तो उनके लिए ‘ऑस्‍कर ‘की बात कर दी है ये बात जानकार तो आप समझ ही गए होंगें कि फिर हमारा दीवाना होना तो लाज़मी है।

दरअसल फिल्‍म में बलोच नेता से मिलने आए अक्षय खन्‍ना का FA9LA एक एंट्री सॉन्‍ग है जिसकी पॉपुलैरिटी का आलम ये रहा कि इसे धुरंधर की पूरी टीम ने शेयर किया , ज़बरदस्त धूम मचाते इसके पिक्चराइज़ेशन के साथ इसे भारत ही नहीं पाक‍िस्‍तान में भी इसे खूब पसंद किया गया जबकि इस गाने के बोल बहरीन वालों के अलावा और किसी को आसानी से समझ नहीं आए तो क्यों न आज हम इसके बोलों की ही बात करलें।

‘फ़स्‍ला’ को क्या पढ़ा जा रहा है :-

धुरंधर के इस गीत को लिखा भी इस तरह गया है कि कोई ‘फनला’ पढ़ रहा है, तो कोई ‘फा-नाइन-ला’, जबकि ये दोनों ही ग़लत हैं क्योंकि असल में ये है ‘फ़स्‍ला’ , और भारतीय सिनेमा में धूम मचाने वाला ये गाना आया है बहरीनी हिप-हॉप की दुनिया से जो असल में बलूच गैंगस्टर यानी रहमान डकैत की रूह ,उसकी फितरत को बयाँ करता है जिस वजह से कैफियत कुछ ऐसी है कि आम दर्शक इसके बिंदास अंदाज़ में थिरकने को मजबूर हो गए।

FA9LA में ‘9’ लिखने में है यूथ का हाँथ :-

इस गाने में हिंदी और उर्दू के शब्द हैं और मुखड़े का FA9LA ‘फ़सल’, ‘फ़ासला’ और ‘फ़ैसला’ जैसे शब्दों से हमें जोड़ता है, इसमें ‘9’ का इस्तेमाल हमें भ्रमित करता है और कहता है हो न हो ये कोई कोड है इसलिए अक्सर हम इसे पढ़ते हैं ‘फा-नाइन-ला’ तो हम आपको बता दें कि ‘9’ आवाज़ के इशारे के लिए ही यूज़ किया गया है।

FA9LA’ का सही उच्चारण :-

दरअसल अरबी भाषा में एक अक्षर होता है-‘हर्फ़’ – सॉद (ص), जो ‘स’ की ध्वनि देता है, लेकिन आप इसे हर ‘स’ ध्वनि के लिए नहीं यूज़ कर सकते क्योंकि इसका उच्चारण थोड़ा भारी ,गंभीर और मूर्धन्य होता है वहीं रोमन लिपि का ‘S’ और हिन्दी का ‘स’ एक जैसी ध्वनि देते हैं, इसलिए ये दोनों अरबी के साधारण ‘सीन’ (س) के लिए इस्‍तेमाल होते हैं पर चूँकि की-बोर्ड पर उपलब्ध ‘S’ और हमारा ‘स’ उस भारी ’सॉद’ ध्वनि को सही से व्यक्त नहीं कर पाता, और अंक ‘9’ की बनावट अरबी के ‘सॉद ’ से काफी मिलती है, इसलिए अरब के यूथ ऑनलाइन चैटिंग में ‘s’ के बजाय ‘9’ को ‘सॉद‘ के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। इस तरह, ‘FA9LA’ का सही उच्चारण और वर्तनी है – ‘फ़स्ला’ ( Faṣlah / فصلة )।

खाड़ी देशों में पार्टी एंथम की तरह है बहरीन का ये गाना :-

आपको बता दें कि FA9LA बहरीन के कलाकार फ्लिपराची और डैफ़ी का पॉपुलर गाना है, जो खाड़ी देशों में पार्टी एंथम की तरह है। जिसमें मदमस्त होने की वो इंसानी दशा व्यक्त की जाती है जिसमें हम दुनिया भूलकर खुद में खो जाते हैं इस तरह कि हमें न दुनिया की कोई बात सुनाई देती है न उसकी कोई परवाह होती है फिर चाहे दुनिया हमें पागल कहे या सनकी हमें कुछ फर्क नहीं पड़ता और जोश ऐसा रहता है कि हम ख़ुशी -ख़ुशी कुछ भी कर गुजरने को तैयार होते हैं , आज की बोलचाल की भाषा में कहें तो यूँ लगता है हमारा पेंच ढीला हो गया हो जिसे बहरीन में ‘फ़स्ला’ कहा जाता है गीत के बोल में कहा गया है, ‘अना फ़स्ला’ यानी ‘मैं फ़स्ला हूं।’ कुल मिलाकर, ‘धुरंधर’ और रहमान डकैत के संदर्भ में ये ऐलान काफी सटीक बैठता है कि उसका मूड पल-पल बदलता है, वो दुनिया के नियमों की परवाह नहीं करता और अपनी ही धुन में मग्न है।

फ़स्‍ल’ को मौसम या समय चक्र से क्यों जोड़ा गया :-

दरअसल ‘मूल रूप से अरबी में ‘फ़स्ल’ का मतलब मौसम या समय का एक खंड होता था जिसमें एक ऋतु के बाद दूसरी ऋतु आती है, यानी समय का एक हिस्सा जो दूसरे से ‘कटता’ या ‘अलग’ होता है। इसी वजह से समय के इस निश्चित अंतराल या कालखंड को ‘फ़स्ल’ कहा गया और इसी तरह फसल से जोड़ते हुए ऋतुओं को अलग अलग नाम दिए गए जैसे – वसंत के मौसम को नाम दिया गया ‘फ़स्ले-बहार’ या ‘फ़स्ले-गुल’ और इन्हीं समय चक्र पर आधारित हुई हमारी खेती जिसकी पैदावार समय की इसी मियाद पर टिकी थी इसलिए धीरे-धीरे खेत में जो भी उगाया जाता उसे ही ‘फ़सल’ कहा जाने लगा। ‘FA9LA’ गाने की बात करें तो ये उस इंसान के बारे में बता रहा है जो दुनिया से अलग हो गया हो। मस्ती और ‘पार्टी के मूड में है।

क्या हैं गाने के बोल और उनका हिंदी मतलब :-

याखी दूस दूस 3इंदी खोश फासला- यानी -भाई, जमकर नाचो, मैं खूब मस्ती करने के मूड में हूं।

याखी तफूज तफूज वल्लाह खोश रकसा- जिसका मतलब है ,भाई, हटो, भगवान की कसम, आओ एक बेहतरीन डांस करते हैं।

अगली लाइन है ,3इंदी लक रकसा कविया या अल-हबीब- यानी -मेरे पास तुम्हारे लिए एक शानदार डांस स्टेप है, मेरे दोस्त।

इसी तरह आगे के बोल हैं – इस्महा सबूहा खतभा नसीब- जिसका हिंदी में मतलब है -इसका नाम सबूहा है, इसे किस्मत ने तुम्हारे लिए ही लिखा है।

आगे का गाना है – मिद यदक जिन्क ब्ता3तिहा कफ- जिसके हिंदी मायने हैं -अपना हाँथ ऊपर करो और ताल से ताल मिलाओ।

फिर है – वा हेज जितफिक 7ईल खल्लिक शदीद- यानी -अपने कंधे ज़ोरों से हिलाओ और मज़बूत बने रहो।

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