AR Rahman Chhaava Controversy: संगीतकार ए.आर. रहमान (AR Rahman) ने विक्की कौशल (Vicky Kaushal) की फिल्म छावा (Chhaava) को “divisive” यानी बांटने वाली फिल्म बताकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा कि फिल्म छत्रपति संभाजी महाराज (Chhatrapati Sambhaji Maharaj) पर आधारित है, लेकिन इसका नजरिया विवादास्पद है। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और कई लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगा रहे हैं। रहमान ने यह भी दावा किया कि उनके नाम में ‘रहमान’ (Rahman) होने की वजह से उन्हें काम कम मिल रहा है, जो एक मुस्लिम नाम है। इस बयान ने बॉलीवुड में नाम और पहचान के आधार पर भेदभाव की बहस को फिर से हवा दे दी है।
रहमान का बयान कॉन्ट्रोवर्शियल इसलिए हो रहा है क्योंकि कई लोग इसे फिल्म की आलोचना के बजाय सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर #ARrahmanControversy ट्रेंड कर रहा है, जहां एक पक्ष रहमान को “धर्मनिरपेक्षता का झंडाबरदार” बता रहा है, तो दूसरा पक्ष उन्हें “हिंदू-विरोधी” करार दे रहा है। फिल्म के डायरेक्टर लक्ष्मण उतरेकर (Laxman Utekar) ने रहमान के बयान पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन फिल्म की टीम ने कहा कि छावा एक ऐतिहासिक कहानी है और इसमें कोई विवादास्पद तत्व नहीं है।
रहमान ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्हें काम कम मिलने की वजह उनका नाम है। उन्होंने बताया: “मुझे दुर्भाग्य से काम कम मिल रहा है क्योंकि मेरा नाम रहमान है, जो मुस्लिम लगता है। लोग सोचते हैं कि इससे विवाद हो सकता है।” लेकिन कई विशेषज्ञों का मानना है कि रहमान को काम कम मिलने की वजह लोगों का म्यूजिक टेस्ट बदलना है, जो वक्त के साथ होता है। जैसे कुमार शानू (Kumar Sanu) को भी अब पहले जैसे गाने नहीं मिलते, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे इसे सांप्रदायिक रूप दें। काम उन्हें मिलता है जिन्हें लोग पसंद करते हैं, जैसे आज अनिरुद्ध रविचंदर (Anirudh Ravichander) या प्रीतम (Pritam) ज्यादा डिमांड में हैं।
अगर AR Rahman ये सोचते हैं कि वे मुस्लिम हैं और इसी लिए उनको बॉलिवुड में काम नहीं मिल रहा तो बॉलीवुड पर हिन्दू विरोधी होने के आरोप भी लगते हैं. अगर बॉलिवुड में मुस्लिम आर्टिस्ट को काम न मिलता तो शाहरुख़, सलमान, आमिर और सैफ अली खान जैसे एक्टर्स स्टार न बनते।
