मध्यप्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का बड़ा योगदान, मुख्यमंत्री ने बताई उपलब्धी

अनूपपुर। मध्यप्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का बड़ा योगदान है। यह जानकारी स्वयं मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सोमवार को दिए है। उन्होने कहा कि अनूपपुर जिला जल संपदा से संपन्न है। जिले में केवई उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधा को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में तकनीक और नवाचार से कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता का विस्तार करना हमारा लक्ष्य है। उन्होने कहा कि प्रदेश में किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ज्वार, बाजरा जैसे श्रीअन्न के साथ धान उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू हो गया है। उन्होंने किसानों से समय रहते पंजीयन कराने का आह्वान किया। ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री निवास से अनूपपुर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में वर्चुअली जुड़कर किसानों से संवाद किया।

राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान चौपालें लगाकर किसान हितैषी योजनाओं का प्रसार-प्रचार किया जाए। किसान चौपालों के माध्यम से किसानों की समस्याओं का भी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अनूपपुर में धान, गेंहू, दलहन और तिलहन के उत्पादन के साथ हमारे किसान नई तकनीक और नई फसलों को अपना रहे हैं। किसानों द्वारा मशरूम और स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को पशुपालन, दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियां अपनाते हुए नवीन तकनीक और नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि का भविष्य उज्ज्वल है, किसान अपने बच्चों को कृषि उद्योगों से जोड़े। राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ है।

ग्रामीणों को मिलेंगे सुगम परिवहन सेवा और निःशुल्क रजिस्ट्री के लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आरंभ हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना का लाभ दूरदराज के गांव वालों को मिलेगा। ग्रामीणों के लिए निःशुल्क रजिस्ट्री की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा आरंभ की गई है। राज्य सरकार बच्चों की बेहतर पढ़ाई और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही हैं।

प्रदर्शनी के माध्यम से दी गई जानकारी

बलराम कृषि महोत्सव के दौरान कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, उद्यानिकी फसलों, उन्नत पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन तथा शासन की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किसानों को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को अपनाकर आय में वृद्धि के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

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