सतना। नागौद राजघराने के परसमनिया गढ़ी में गुरुवार को हुए गोलीकांड के दूसरे पहलू का फोटो और वीडियों सामने आ रहा है। जिसमें बाबा राजा के साथ मारपीट का वीडियों वायरल हो रहा है। आरोप है की उनकी पत्नी योगिता सिंह के साथ आए उनके मायके पक्ष के लोगो ने रूपेंद्र सिंह बाबा राजा के साथ बेरहमी से मारपीट किए है। इस विवाद मामले में अब दोनो पक्षों ने थाना में शिकायत किया है।
गोली चलाने वाली सुनीता गई जेल
राजपरिवार में हुए इस विवाद को लेकर उचेहरा थाना में योगिता सिंह की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसमें सुनीता सिंह को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने सुनीता को गिरफ्रतार कर लिया है, खबरों के तहत दूसरी शिकायत रुपेंद्र सिंह बाबा राजा की ओर से की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि योगिता सिंह, उनके भाई नागेंद्र सिंह सहित 6 लोग परसमनिया कोठी पहुंचे थे, उन पर मारपीट का आरोप लगाया गया है।
संपत्ति को लेकर विवाद
रूपेंद्र सिंह मध्य प्रदेश के नागौद राजघराने में गिने जाते हैं तो वहीं, योगिता उदयपुर राजपरिवार की बेटी हैं. इस हाई-प्रोफाइल घराने में गोलीकांड की वजह संपत्ति विवाद सामने आ रहा है. आरोप है कि सुनीता ने गोली रूपेंद्र सिंह के उकसावे पर ही चलाई है। सुनीता सिंह मूल रूप से सतना जिले के उमरी गांव की रहने वाली हैं। परसमनिया में सुनीता एनजीओ का काम करती थीं. कहा जाता है कि इसी दौरान वह रुपेंद्र सिंह बाबा राजा के संपर्क में आईं. इसके बाद वह पेप्टेक में रहने लगीं. सतना के भरहुत नगर में रेस्तरां का कारोबार करती थी। बताया जाता है कि रुपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा के पिता के देहांत बाद सुनीता सिंह परसमनिया गढ़ी में रूपेंद्र के साथ रहने लगीं, वहीं से सुनीता और योगिता के बीच विवाद शुरू हो गया। बताया जाता है कि परसमनिया राजघराने की बहू योगिता सिंह के नाम पर एक पेट्रोल पंप भी संचालित हो रहा था, यह अब सुनीता के नाम पर है। इसको लेकर भी विवाद हो रहा है।
गांव की सरपंच भी रही बाबा राजा की पत्नी योगिता
योगिता सिंह और बाबा राजा का विवाह साल 2000 में राजस्थान के उदयपुर राजपरिवार में हुआ था। बताया जाता है कि योगिता सिंह एक पंचवर्षीय कार्यकाल तक परसमनिया पंचायत की सरपंच रहीं. उनका एक बेटा है। वह भोपाल में रहकर सीए की प्रैक्टिस कर रहा है. तीन साल पहले योगिता के पिता का निधन हुआ था। योगिता सिंह अपने मायके उदयपुर चली गई थीं। बताया जाता है कि बीते गुरुवार को योगिता सिंह, उनकी मां नरेंद्र कुमारी सिंह, बेटा प्रथूदेव सिंह और भाई नागेंद्र सिंह राठौर अपना सामान लेने परसमनिया गढ़ी पहुंचे थे। जंहा विवाद के बीच यह गोलीकांड हो गया।




