Ancient Dargah demolished in Rewa: रीवा शहर से सटे चोरहटा थाना क्षेत्र के अमवा गांव में असामाजिक तत्वों ने प्राचीन दरगाह को जेसीबी की मदद से ढहा दिया और मुस्लिम कब्रिस्तान में लगे कब्रों के शिलालेखों को उखाड़ फेंका। इस घटना से मुस्लिम समाज की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है और गांव में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नाकाम कोशिश के रूप में इसे देखा जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह दरगाह करीब 450 से 500 साल पुरानी है और आले रसूल से जुड़ी बताई जाती है। यहां कई करिश्मों की मान्यता है। दरगाह न केवल मुस्लिम समाज बल्कि हिंदू भाइयों के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र थी। सभी धर्म के लोग यहां चादर चढ़ाते थे, मन्नतें मांगते थे और हर जुमा पर आते थे।
गांव के पास किटवरिया में मुस्लिम समाज के लोग रहते हैं, जो नियमित रूप से यहां आते थे।आज सुबह जब लोग रोजाना की तरह कब्रिस्तान पहुंचे तो दरगाह पूरी तरह ढही हुई मिली और कब्रों के पत्थर उखड़े पड़े थे। घटना की जानकारी फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों ने इसे भूमाफियाओं की करतूत या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश बताया। किसी ने इसे देखा नहीं, इसलिए अज्ञात लोगों द्वारा किया गया बताया जा रहा है।
स्थानीय निवासी मोहम्मद सलाम ने बताया कि उन्हें किसी ने सूचना दी तब पता चला। वे मौके पर पहुंचे तो दरगाह क्षतिग्रस्त मिली। उन्होंने कहा कि यह बहुत पुरानी मजार है और यहां की आस्था को ठेस पहुंचाई गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी चौराहाटा के पास एफआईआर दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल गांव में आक्रोश व्याप्त है और मामले की जांच जारी है।
