महाराष्ट्र के अमरावती में अस्पताल के NICU में आग लगने से तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अस्पताल का फायर सेफ्टी ऑडिट समय पर हुआ था या नहीं।
DM बोले- पिछले साल हुआ था फायर ऑडिट
इस मामले पर अमरावती के जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पिछले साल फायर ऑडिट कराया गया था। साथ ही इस साल के फायर सेफ्टी ऑडिट के लिए PWD के विद्युत विभाग में आवेदन भी किया गया था।
डीएम ने कहा कि उन्होंने खुद संबंधित दस्तावेज देखे हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि फायर सेफ्टी ऑडिट को जानबूझकर टाला गया था। उनके मुताबिक, अस्पताल में नियमित तौर पर फायर सेफ्टी ऑडिट कराए जाते रहे हैं।
जांच में उपकरणों की भी होगी पड़ताल
जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती तौर पर अस्पताल के फायर सेफ्टी उपकरणों की भी जांच की जा रही है। खास तौर पर उस यूनिट को देखा जा रहा है, जिससे आग लगने की स्थिति में ऑटोमैटिक अलर्ट मिलना था।
उन्होंने कहा कि अगर जांच में प्रशासन की कोई लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अगर किसी कंपनी के उपकरण में खराबी पाई गई तो कंपनी के खिलाफ भी सख्त कदम उठाया जाएगा।
सीएम फडणवीस ने दिए जांच के आदेश
हादसे को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के सचिव को तुरंत अमरावती पहुंचकर मामले की जानकारी लेने के निर्देश भी दिए हैं।
मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की मदद
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले नवजात बच्चों के परिवारों के लिए 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी इंतजामों को लेकर जांच तेज कर दी गई है।




