Ajay Rai on UP Congress : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) में बड़े फेरबदल के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को नई जिम्मेदारी सौंपी है। पद से हटाए जाने के बाद शुक्रवार सुबह अजय राय वाराणसी में मीडिया के सामने आए। हाथ में राहुल गांधी की तस्वीर लेकर उन्होंने कई सवालों के सीधे जवाब दिए और पार्टी के नए नेतृत्व को बधाई दी।
‘हम दिखावा नहीं करते, जनेऊधारी ब्राह्मण हैं’
कांग्रेस की नई टीम- आराधना मिश्रा और इमरान मसूद को लेकर चर्चा है कि पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए ‘ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम’ समीकरण बनाने की कोशिश की है। मीडिया ने अजय राय से पूछा कि क्या उन्हें हटाकर दूसरे ब्राह्मण चेहरे आराधना मिश्रा को अध्यक्ष बनाना इसी रणनीति का हिस्सा है? इस सवाल पर अजय राय ने अपने कंधे से जनेऊ निकालकर दिखाया और कहा, “हम जनेऊधारी ब्राह्मण हैं, दिखावा नहीं करते। हम हमेशा जनेऊ पहनते हैं। हमारा और पार्टी का मकसद सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है—चाहे मुस्लिम, ओबीसी, दलित, सवर्ण या महिलाएं हों। हम सबके हित की बात करते हैं।”
‘आखिरी सांस तक राहुल गांधी के साथ रहूंगा’
अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अजय राय के पार्टी छोड़ने या कोई दूसरा रास्ता चुनने की अटकलें लगाई जा रही थीं। इन चर्चाओं पर उन्होंने कहा, “यह मेरा पक्का वचन है कि आखिरी सांस तक राहुल गांधी के साथ रहूंगा। मैं उनका सिपाही हूं और उनका हर आदेश मुझे मंजूर है। राहुल गांधी बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बीजेपी के कुशासन के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं।”
अजय राय ने नई टीम को बधाई दी
अजय राय ने नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’, कार्यकारी अध्यक्ष बने सांसद इमरान मसूद और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा, “पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देगी, मैं उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। हम मजबूती से लड़ेंगे और 2027 में यूपी में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार बनाएंगे।” साथ ही उन्होंने कहा, “पार्टी में सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सम्मान होना चाहिए।”
अजय राय ने इमरान मसूद का बचाव किया
कांग्रेस में हुए बदलाव पर बीजेपी की टिप्पणियों का जवाब देते हुए अजय राय ने इमरान मसूद का बचाव किया। उन्होंने कहा, “बीजेपी का दोहरा रवैया है। इमरान भाई मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं और सभी वर्गों में उनकी अच्छी पकड़ है।” अजय राय के बयानों से साफ है कि पद से हटने के बाद भी वे कांग्रेस में बने रहेंगे। हालांकि, उनके जनेऊ वाले बयान ने यूपी की ब्राह्मण राजनीति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

