युवा विधायकों को चच्छू ज्ञान, सीएम…राजनीति में अनुशासन जरूरी, वियजवर्गीय…कॉलर खड़ी किए तो हो जाओगे भूतपूर्व

भोपाल। राजधानी भोपाल में दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन की शुरुआत हो गई है। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 45 वर्ष से कम आयु के युवा विधायक शामिल हुए हैं। पहले दिन लोकतंत्र को मजबूत बनाने और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा शुरू हुई।

राजनीति में मर्यादा और अनुशासन जरूरी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवा विधायक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि विनम्रता बनाए रखें और क्षेत्र की अच्छाई एवं कंमी दोनों पर नजर होनी चाहिए। उन्होने कहा कि राजनीति में मर्यादा और अनुशासन जरूरी है। आज के दौर में दुनिया हमारी तरफ देख रही है कि भारत किस तरह 2047 के अमृत काल की तरफ बढ़ रहा है।

युवाओं की अच्छी सोच तय करती है बेहतर दिशा

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केवल संस्थाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी से तय होती है। उन्होंने युवा विधायकों को बदलाव का वाहक बताते हुए कहा कि वे नई सोच और ऊर्जा के साथ राजनीति में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

कॉलर खड़ी किए तो हो जाओगे भूतपूर्व

संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जनता अपनी समस्या का समाधान चाहती है. यह महत्वपूर्ण है कि आपका कार्यालय और उसमें काम करने वाले लोग कैसे हैं. मैंने ऐसे कई विधायकों को जीतते देखा है, जिन्होंने एक चुनाव लड़ा और उसके बाद भूतपूर्व हो गए, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एक बार चुनाव जीतने के बाद उनकी कॉलर खड़ी हो जाती है।

विरोध तार्किक प्रक्रिया होनी चाहिए

राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा- संसदीय लोकतंत्र में जो कठिनाई आती हैं, उनसे नई परिस्थितियों का निर्माण होता है। विरोध तार्किक प्रक्रिया होनी चाहिए। हमारा प्रतिनिधित्व सार्थक सेवा की ओर बढ़े। हम सब मिलकर नागरिकों और विधायिका के बीच संवाद करें। हम पूरा समय सदन में बैठने का स्वभाव बनाएं। अनुभवी लोगों के भाषण सुनें।

स्वागत करके कराया गया प्रवेश

युवा विधायक सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुचे विधायकों का स्वागत किया गया। इस दौरान लोक नृत्य का भी आयोजन किया गया। ज्ञात हो कि दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विधायकों को अलग-अलग विषयों पर विशेषज्ञ जानकारी दे रहे है। जिससे युवा विधायक अपने आगे की राजनीति में पूरी तरह से खुद को फिट कर सकें।

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