रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रशासनिक लापरवाही का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अस्पताल प्रबंधन ने एक जीवित मरीज को मृत घोषित कर दिया। हद तो तब हो गई जब डॉक्टरों ने कागजी कार्रवाई पूरी करवाते हुए मरीज को पोस्टमार्टम हाउस तक भिजवा दिया और पीएम की तैयारी शुरू कर दी गई।
पोस्टमार्टम प्रक्रिया से ठीक पहले हुआ बड़ा खुलासा
मृत समझकर लाए गए मरीज की पहचान गिरिजा प्रसाद गुप्ता के रूप में हुई है। गनीमत यह रही कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले यह गंभीर गलती उजागर हो गई, जिससे मरीज की सांसें चलते देख डॉक्टरों के होश उड़ गए। आनन-फानन में हड़कंप के बीच मरीज को वापस पीएम हाउस से निकालकर दोबारा मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
परिजनों में भारी आक्रोश, प्रबंधन ने साधी चुप्पी
अस्पताल के इस अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के बाद परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस गंभीर लापरवाही और प्रक्रियागत चूक के सामने आने के बावजूद, फिलहाल परिजन और अस्पताल प्रबंधन दोनों ही मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से बच रहे हैं और मामले पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं।

