रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के समान थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़रिया मोहल्ले में मामूली पैसों के लेनदेन को लेकर एक शख्स ने अपने ही बचपन के जिगरी दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक कोई और नहीं बल्कि पुलिस विभाग का एक आरक्षक था। इस पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है और उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है।
छुट्टी पर गाँव आए थे आरक्षक राकेश पटेल
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक राकेश कुमार पटेल मैहर जिले के रामनगर थाने में पुलिस आरक्षक के पद पर तैनात थे। वे अपने बेटे की तबीयत खराब होने के कारण विभाग से छुट्टी लेकर अपने गाँव आए हुए थे। रविवार की रात वे गड़रिया मोहल्ले में अपने पड़ोस में रहने वाले बचपन के गहरे दोस्त राकेश तिवारी के घर मिलने गए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मुलाकात इतनी खौफनाक साबित होगी।
शराब की महफिल में छिड़ा विवाद, 1 लाख रुपये बने मौत का कारण
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के घर पर दोनों दोस्तों ने एक साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान आरक्षक राकेश पटेल ने आरोपी राकेश तिवारी को मकान निर्माण के लिए उधार दिए गए 1,009,00 रुपये (एक लाख रुपये) वापस माँगे। बस इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते नशे की हालत में यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी राकेश तिवारी तैश में आ गया। उसने तुरंत पिस्तौल निकाली और आरक्षक राकेश पटेल की कनपटी पर सटाकर गोली दाग दी।
अस्पताल पहुँचने से पहले तोड़ा दम
गोली चलते ही घर में हड़कंप मच गया और आरक्षक खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गए। वारदात के बाद घबराए आरोपी के परिजन गंभीर रूप से घायल आरक्षक को तुरंत अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घाव इतना गहरा था कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही आरक्षक राकेश पटेल ने दम तोड़ दिया।




