मुजफ्फराबाद। नेपाल में युवाओं के आंदोलन ने दुनिया भर को हिला दिया था, तो वही अब पाकिस्तान के युवा सड़क पर उतर आए है। इससे सरकार और सेना की चिंता बढ़ गई। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 18 से 22 साल के युवा पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन करके नारे लगाते हुए आवाज उठा रहे हैं। मुजफ्फराबाद में करीब 500 जेन जेड छात्रों ने प्रशासन भवन की ओर मार्च किए है।
सरकार की नीतियों का व्यापक विरोध
बढ़ती फीस, सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर शुरू हुआ छात्रों का विरोध अब उग्र रूप ले चुका है। जेन-जेड इस बार आर-पार के मूड में दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार के खिलाफ युवाओं में भारी गुस्सा भड़क उठा है। छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन अब आजादी, आर्थिक राहत और पाकिस्तानी राज्य की कथित शोषण नीतियों के व्यापक विरोध में बदल गया है।
यूएजेके से भड़का आंदोलन
इस बार आंदोलन की चिंगारी 30 अक्टूबर को आजाद जम्मू कश्मीर विश्वविद्यालय (यूएजेके) से भड़की। मुजफ्फराबाद में करीब 500 जेन जेड छात्रों ने प्रशासन भवन की ओर मार्च किया। नारे लगे, फीस नहीं, आजादी! उनकी मांगों में 40 प्रतिशत फीस वृद्धि का जिक्र था, जो महंगाई के दौर में छात्रों के लिए बोझ बनी हुई है। साथ ही, प्रभावशाली परिवारों को फायदा पहुंचाने वाली कथित रिग्ड ग्रेडिंग सिस्टम पर आरोप लगाए गए। छात्रों का कहना था, हम सिर्फ शिक्षा के लिए नहीं लड़ रहे, हम अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।
सेना और सरकार पर बढ़ा दबाव
पाकिस्तान में भड़का यह नया छात्र आंदोलन अब पाकिस्तान की सियासत और सेना, दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। सूत्रों के मुताबिक, आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर ने हालात पर नजर रखी हुई है और स्थानीय प्रशासन को स्थिति नियंत्रण में लाने के निर्देश दिए हैं।
