उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के उमरिया और कटनी जिलों में स्थित भारत के सबसे प्रसिद्ध और घनी बाघ आबादी वाले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। यह मध्य प्रदेश के विंध्य पर्वतमाला क्षेत्र में स्थित है। इसका नाम यहाँ स्थित 811 मीटर ऊँचे बांधवगढ़ किले के नाम पर पड़ा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम ने यह किला अपने भाई लक्ष्मण को दिया था। यह पहले रीवा के महाराजाओं का निजी शिकारगाह हुआ करता था।
बाघों की संख्या
यहाँ दुनिया में सबसे अधिक बाघ घनत्व पाया जाता है। यह ऐतिहासिक रूप से सफेद बाघों का मूल स्थान भी माना जाता है। यहाँ बंगाल टाइगर के अलावा तेंदुए, जंगली कुत्ते, गौर, सांभर, चीतल और पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
बांधवगढ़ सफारी
बांधवगढ़ में जंगल सफारी के माध्यम से पर्यटकों को प्राकृतिक आवास में वन्यजीवों को देखने का रोमांच मिलता है। सफारी के प्रमुख जोन, ताला, मगधी और खिताउली। ताला क्षेत्र सबसे अधिक लोकप्रिय है। यहां का बफर जोन जोहिला, परासी,धमोखर और पनपथा, पचपेड़ी।
पर्यटकों के लिए समय तय
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व घूमने जाने वाले पर्यटकों के लिए पार्क सफारी और टिकट काउंटरों के समय की जानकारी जारी की गई है। 1 नवंबर 2026 से प्रभावशील समय-सारणी के अनुसार पर्यटक सुबह और शाम दोनों पालियों में जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। पर्यटक बांधवगढ़ आने से पहले टिकट काउंटर और सफारी के निर्धारित समय का ध्यान रखें, ताकि उन्हें टिकट एवं जंगल सफारी के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुबह और शाम सफारी का समय
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर एवं बफर क्षेत्र में सुबह की सफारी प्रातः 6 बजे से 11.30 बजे तक होगी। वहीं शाम की सफारी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होगी। पर्यटक सफारी के टिकट सुबह 5.15 से 7.30 बजे तक, दोपहर 1.30 से 4 बजे तक और शाम 6 से 7.30 बजे तक टिकट काउंटर से प्राप्त कर सकते हैं।

