Yashwant Varma Resigns: इलाहबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा दे दिया है. ये वही जज साब हैं जिनके दिल्ली वाले घर में जब आग लगी थी तब 500-500 रुपए की नोटों का ढेर मिला था जिसके बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने इलाहबाद हाईकोर्ट भेज दिया गया था.
Yashwant Varma ने 5 अप्रैल 2025 के दिन इलाहबाद हाईकोर्ट में शपथ ली थी मगर उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई थी. जबतक उनके खिलाफ चल रही जांच पूरी नहीं हो जाती तबतक उन्हें न्यायिक कार्यों से दूर रखा गया था.
महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था
जस्टिस यशवंत वर्मा जब कैश कांड (Justice Yashwant Varma Cash Kand) में फंसे थे तब लोकसभा में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था और उन्होंने इस प्रस्ताव को चुनौती दी थी. उनका कहना था कि राज्यसभा में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को मंजूर नहीं किया गया बावजूद इसके लोकसभा ने मंजूरी देकर अकेले जाँच समिति बना दी जबकि महाभियोग के लिए दोनों सदनों की मंजूर चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने माना भी था कि जांच समिति में खामियां हैं मगर कोर्ट ने खुद इन खामियों को देखने की बात कही थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी 2026 को जस्टिस वर्मा की यशिका से जुड़ा फैसला सुरक्षित रखा. खैर इससे पहले के जस्टिस वर्मा के खिलाफ जाँच होती, महाभियोग होता उन्होंने खुद से ही इस्तीफा दे दिया।
सरकारी घर में मिला था नोटों का ढ़ेर
14 मार्च 2025 को जस्टिस वर्मा के दिल्ली वाले सरकारी घर में आग लग गई थी, तब वर्मा घर से बाहर थे. फायर ब्रिगेड और पुलिस ने आग पर काबू पाया और उन्हें स्टोर रूम में 500 रुपए के जले हुए नोटों के बंडल मिले। अनुमान है कि वह करीब 15 करोड़ रुपए थे.

