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रीवा में ओडीओपी व निर्यात प्रोत्साहन कार्यशाला: सुपारी खिलौने और बांस उत्पाद स्टार्टअप में शामिल करने की सिफारिश

Workshop on ODOP

Workshop on ODOP

Workshop on ODOP and export promotion held in Rewa: रीवा के इको पार्क में जिला उद्योग केंद्र की ओर से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) एवं निर्यात प्रोत्साहन पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें शहर के उद्यमी, स्टार्टअप संचालक और व्यवसायी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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कार्यशाला में मुख्य वक्ता जेपी तिवारी, प्रबंधक (जिला उद्योग केंद्र) ने विंध्य क्षेत्र की विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “विंध्य में सुपारी के खिलौने और बांस के उत्पादों को स्टार्टअप इंडिया योजना में शामिल किया जाना चाहिए। ये उत्पाद स्थानीय कारीगरों की कला को दर्शाते हैं और निर्यात की बड़ी संभावना रखते हैं।”

निर्यात के संदर्भ में तिवारी ने बताया कि विंध्य क्षेत्र के धान मिलर्स को निर्यात के लिए तैयार करने की जरूरत है। इसके लिए जीआई टैग (GI Tag) और जोइओ टैग (JOIO Tag) कराने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा, “धान की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की है, लेकिन ब्रांडिंग और सर्टिफिकेशन की कमी निर्यात में बाधा बन रही है।”

कार्यशाला में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), मुद्रा लोन, स्टार्टअप इंडिया, निर्यात प्रोत्साहन योजना जैसी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उद्यमियों को आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी और मार्केट लिंकेज के बारे में बताया गया।उद्यमियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताया और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक ब्रांड बनाने की मांग की। आयोजकों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही निर्यात प्रशिक्षण शिविर और खरीदार-विक्रेता मीट का आयोजन किया जाएगा।

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