नईदिल्ली। देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, क्योकि केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की तैयारी में है। महिला आरक्षण बिल अगर लागू होगा तो महिला सांसदों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 273 हो जाएगी।
संसद में दो बिल लाने की तैयारी
जो जानकारी आ रही है उसके तहत सरकार संसद में दो बिल पेश करने के लिए तैयारी कर रही है। एक बिल के जरिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन होगा, जबकि दूसरा परिसीमन कानून में बदलाव से जुड़ा होगा।
दो-तिहाई बहुमत जरूरी
सरकार जो बिल लाने के लिए तैयारी कर रही है। उसे पास कराने के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा। इसी वजह से सरकार विपक्ष का समर्थन जुटाने में लगी है। गृहमंत्री अमित शाह ने इस पर सहमति बनाने के लिए एनडीए और गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों के नेताओं के साथ मीटिंग करके इस बिल के लिए समर्थन जुटा रहे है।
राज्यों में भी लागू होगी ऐसी व्यवस्था
महिला आरक्षण को लेकर सरकार जो प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। उसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं को उनके कोटे के भीतर हिस्सा मिलेगा। केन्द्र सरकार द्वारा तैयार किया जा रहा महिलाओं को लेकर बिल का फार्मूला राज्यों की विधानसभाओं में भी ऐसे ही लागू होगा। जिससे पूरे देश में एक जैसी व्यवस्था रहे।
