आंदोलन के दौरान महिला आरक्षक के फाड़ दिए कपड़े, अर्द्धनग्न हालात में कहती रही प्लीज छोड़ दो

Protest scene with crowd; police managing law and order during demonstration

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से एक ऐसा वीडियों वायरल हो रहा है जो कि मानवता को शर्मसार करने वाला है। वायरल वीडियो राज्य के रायगढ़ जिले के तमनार का बताया जा रहा है। यहां कोयला खदान को लेकर आंदोलन के दौरान भीड़ महिला पुलिस कर्मियों पर टूट पड़ी। महिला पुलिस इंस्पेक्टर को महिलाओं ने भीड़ में दबोच लिया और मारपीट करती रही तो एक महिला आरक्षक के साथ आंदोलन कारी मारपीट करने लगे। वह खुद को बचाने के लिए भाग रही थी और खेत में गिर गई। इसी बीच पहुचे कुछ लोगो ने महिला आरक्षक की न सिर्फ वर्दी फाड़ दिए बल्कि अर्द्धनग्न हालात में महिला आरक्षक मांफी मागती रही। इसके बाद भी लोग उसके साथ दुर्व्यहार करते रहे।

प्लीज छोड़ दो, अब नहीं आऊंगी

वायरल हो रहे इस वीडियो में उग्र भीड़ ने महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ दिए और उसे करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया। फिर खेत में गिरने के बाद वर्दी फाड़कर अर्धनग्न कर दिया। इस दौरान महिला चीखती-चिल्लाती रही। उसने कहा कि मुझे माफ कर दो, प्लीज छोड़ दो, अब नहीं आऊंगी, लेकिन निर्दयी लोग रूकने का नाम नही ले रहे थें। तो वही इस घटना का कुछ लोग वीडियों बनाते रहे। यह वीडियों अब सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल रहा है। जिससे लोगो में आक्रोष व्याप्त है।

यह था मामला

तमनार क्षेत्र के 14 गांव के ग्रामीण 27 दिसंबर 2025 को एक खदान के गारे पेलमा कोल ब्लॉक के लिये हुई जनसुनवाई को फर्जी बताकर लिबरा गांव में स्थित सीएचपी चौक में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। कारवाई और प्रदर्शन के बीच गांव में भारी वाहन की चपेट में आकर साइकिल सवार एक ग्रामीण बुरी तरह घायल हो गया। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने वाहन के चालक को गाड़ी में बांधकर उसकी जमकर पिटाई की थी।

मामले की जानकारी मिलते ही तमनार थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझा रही थी। मगर आक्रोशित ग्रामीणों ने लात- घूसों और लाठी- डंडे से महिला थाना प्रभारी को जमकर पीटा। ग्रामीणों ने वहां मौजूद कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। उपद्रवी भीड़ ने जमकर लाठी डंडे बरसाए। जिससे एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा, थाना प्रभारी तमनार कमला पुसाम और एक आरक्षक को गंभीर चोट आई थी। कई पुलिस के जवान और महिला आरक्षक घायल हुए थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है तो महिला आरक्षक के साथ किए गए दुर्व्यहार मामले को पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है और कार्रवाई कर रही है।

अधिक जानने के लिए आज ही शब्द साँची के सोशल मीडिया पेज को फॉलो करें और अपडेटेड रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *