Wipro Share Price: Q4 गाइडेंस के बाद विप्रो के शेयरों में क्या करें?

Silhouette of office employees working against a brightly lit Wipro corporate logo background.

भारतीय आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड (Wipro Ltd) के शेयर इस समय निवेशकों के रडार पर हैं। दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद कंपनी ने मार्च तिमाही (Q4) के लिए जो रेवेन्यू गाइडेंस जारी की है, उसने बाजार विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। Wipro share price पर इस समय ब्रोकरेज हाउस की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, क्योंकि कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को लेकर चुनौतियां बरकरार हैं।

विप्रो ने हाल ही में अपने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश किए। कंपनी का परिचालन प्रदर्शन स्थिर रहा है, लेकिन भविष्य का अनुमान यानी ‘गाइडेंस’ उम्मीद से कम रहा। कंपनी ने चौथी तिमाही के लिए 0 से 2 प्रतिशत की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दिया है। खास बात यह है कि इसमें ‘हरमन’ अधिग्रहण का 1.5 प्रतिशत योगदान भी शामिल है।

मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि विप्रो की ऑर्गेनिक ग्रोथ अभी भी दबाव में है। बड़े सौदों (Large Deals) के क्रियान्वयन में देरी और बैंकिंग एवं हाई-टेक वर्टिकल्स में सुस्ती के कारण कंपनी की आय पर असर पड़ रहा है। दिसंबर तिमाही में कंपनी की कुल डील बुकिंग में साल-दर-साल आधार पर 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

ब्रोकरेज हाउस की राय और टारगेट प्राइस

विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा (Nomura) ने विप्रो के प्रति सतर्क रुख अपनाया है। नोमुरा ने वित्त वर्ष 2026-28 के लिए कंपनी के ‘अर्निग प्रति शेयर’ (EPS) अनुमान को 2-3 प्रतिशत तक घटा दिया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक के लिए ₹290 का नया टारगेट दिया है। उनका मानना है कि आने वाले समय में काम के दिनों की कमी और डील्स की धीमी शुरुआत ग्रोथ को प्रभावित करेगी।

Wipro Limited Stock Analysis after Q4 Guidance 2026

दूसरी ओर, जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) का मानना है कि भले ही नतीजे उम्मीद के मुताबिक न रहे हों, लेकिन विप्रो का वैल्यूएशन अब काफी आकर्षक हो गया है। ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी द्वारा शेयर बायबैक की संभावना और करीब 4 प्रतिशत का डिविडेंड यील्ड निवेशकों के लिए सुरक्षा कवच का काम कर सकता है।

Wipro Share Price और मार्केट सेंटिमेंट

मोतीलाल ओसवाल (MOFSL) ने इस स्टॉक पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है। उनके विश्लेषण के अनुसार, आईटी क्षेत्र में क्लाइंट अभी भी केवल लागत कटौती (Cost Optimization) वाले प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बड़े पैमाने पर होने वाले खर्च अभी भी शुरुआती स्तर पर हैं, जिससे रेवेन्यू में तत्काल बड़ी उछाल की उम्मीद कम है।

निर्मल बांग ने भी स्टॉक पर ‘होल्ड’ की सलाह देते हुए ₹296 का लक्ष्य दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगातार दो तिमाहियों तक मजबूत डील मिलने के बाद, इस बार बुकिंग में करीब 29 प्रतिशत की तिमाही गिरावट चिंताजनक है। इससे भविष्य की कमाई की विजिबिलिटी कम हो जाती है।

क्या निवेशकों को अभी खरीदारी करनी चाहिए?

अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो विप्रो के शेयरों में गिरावट एक अवसर हो सकती है क्योंकि स्टॉक अपने ऐतिहासिक औसत के करीब ट्रेड कर रहा है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बाजार अब इस बात पर नजर रखेगा कि कंपनी अपनी पुरानी डील्स को रेवेन्यू में कितनी जल्दी तब्दील कर पाती है।

Wipro Share Price

आईटी सेक्टर में रिकवरी की धीमी रफ्तार को देखते हुए, एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं कि पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें। विप्रो जैसी कंपनियों के लिए मार्च तिमाही के नतीजे यह तय करेंगे कि वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत कैसी होगी।

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