Winter Rose-Marigold Flower Business Tips : सर्दियों में गुलाब-गेंदा की खेती से बेनिफिट कैसे ? जानें-मुनाफे की टेक्निक-भारत में सर्दियों का मौसम फूलों की खेती के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इस समय गुलाब और गेंदा जैसे फूल न केवल आसानी से उगते हैं, बल्कि बाजार में इनकी मांग भी चरम पर होती है। शादियों, धार्मिक आयोजनों, त्योहारों और सजावट में इन फूलों की खपत तेजी से बढ़ती है। यदि किसान या बागवान सही समय पर बुवाई, जैविक पोषण, संतुलित सिंचाई और उचित छंटाई पर ध्यान दें, तो वे फूलों की बिक्री के साथ-साथ गेंदे से प्राकृतिक रंग (ल्यूटिन) और तेल निकालकर अतिरिक्त आमदनी भी कर सकते हैं। यही कारण है कि गुलाब और गेंदा की खेती को “डबल बेनिफिट खेती” कहा जाता है। सर्दियों में गुलाब और गेंदा की खेती किसानों और बागवानी प्रेमियों के लिए डबल मुनाफे का बेहतरीन अवसर है। सही समय, जैविक खाद, सिंचाई, धूप और छंटाई से फूलों की पैदावार बढ़ाकर बाजार और प्रोसेसिंग से अतिरिक्त आय पाएं।
सही समय का चुनाव-सफलता की पहली कुंजी
गुलाब और गेंदा की बुवाई का सर्वोत्तम समय सितंबर से अक्टूबर माना जाता है। इस समय तापमान मध्यम रहता है। पौधों की जड़ें मजबूत बनती हैं सर्दियों में भरपूर और गुणवत्तापूर्ण फूल मिलते हैं। इसका सीधा लाभ यह होता है कि दिवाली, शादियों और अन्य त्योहारों में फूल ऊंचे दामों पर बिकते हैं।
मिट्टी-पोषण फूलों की गुणवत्ता का आधार
इस मौसम में गुलाब व गेंदे की फायदे की खेती तभी की जा सकती है जब जैविक खाद का उपयोग समय – समय पर किया जाय ,बुवाई से पहले मिट्टी में विशेष खाद जैसे-अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद,वर्मी कम्पोस्ट,जैविक मिश्रण की खाद ताकि इससे मिट्टी उपजाऊ बने है और गुलाब व गेंदे के पौधे मौसम आते ही अधिक फूल दे सकें।

नीमतेल का छिड़काव
हमेशा ही पौधों में खाद व समय पर पानी देना ही काफी नहीं होता बल्कि सही समय पर कीट-पतंगों से प्राकृतिक सुरक्षा भी उन्नत खेती के प्रमुख उपायों में से एक है ,इससे फूलों की चमक और गुणवत्ता में सुधार होता है और गेंदा – गुलाब दोनों के लिए लाभकारी यह उपाय अत्यंत लाभकारी होता है।
पानी और धूप का संतुलन
संतुलित सिंचाई-सर्दियों में अधिक पानी नुकसानदायक हो सकता है इसलिए मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही सुबह के समय सिंचाई करें। क्योंकि ऐसा न करने पर जलभराव से जड़ सड़ने का खतरा रहता है।
भरपूर धूप-प्रतिदिन पौधों में 5-6 घंटे की सीधी धूप अनिवार्य करें क्योंकि कम धूप में पौधे कमजोर और फूल कम लगते हैं।
कटाई-छंटाई (Pruning)-अधिक फूल पाने का राज
गेंदा-मुरझाए फूल और सूखी टहनियां हटाते रहें,इससे पौधा घना होता है और नए फूल अधिक आते हैं।
गुलाब-नवंबर-दिसंबर के महीनों में मुख्य प्रूनिंग, और फिर बारिश के बाद हल्की छंटाई करें इससे सर्दियों में बड़े और आकर्षक फूल मिलते हैं।

अतिरिक्त आय के स्रोत-यही है डबल बेनिफिट
फूलों से अतिरिक्त आय के लिए गेंदा (Marigold),ल्यूटिन (Lutein) से प्राकृतिक पीला पिगमेंट बना सकते है और खाद्य उद्योग का भी काम शुरू किया जा सकता है। साथ ही टेक्सटाइल और पशु आहार में भारी मांग की पूर्ति सूखे फूलों से की जा सकती है क्योंकि सूखे फूलों का पुनर चक्रीकरण कर यानि इसे निकालकर अच्छी कीमत तय की जक्ति है।
टैगेटिस ऑयल (Tagetes Oil)-कॉस्मेटिक और औषधीय उपयोग में लिया जा सकता है इससे बड़े पैमाने पर काम शुरू कलिया जा सकता है।
निर्यात की भी संभावनाएं
गेंदा-फूलों की खेती में अतिरिक्त बेनिफिट को इंगित करता है। गुलाब (Rose)-शादियों और त्योहारों में लगातार मांग
गुलाब जल, इत्र और सजावट में उपयोग,खुशबू और सुंदरता के कारण बेहतर बाजार भाव मिलता है।

निष्कर्ष (Conclusion)-सही तकनीक और थोड़ी समझदारी के साथ सर्दियों में गुलाब और गेंदा की खेती किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकती है। एक ओर जहाँ फूलों की सीधी बिक्री से आमदनी होती है, वहीं दूसरी ओर गेंदे से ल्यूटिन और तेल जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद अतिरिक्त मुनाफा दिलाते हैं। यदि आप कम लागत में अधिक कमाई की योजना बना रहे हैं, तो गुलाब और गेंदा की डबल बेनिफिट खेती आपके लिए एक स्मार्ट और टिकाऊ विकल्प है।
