Site iconSite icon SHABD SANCHI

रिश्ते में आते ही क्यों बढ़ जाता है पजेसिवनेस का एहसास? साइंस से समझिए

relationshiprelationship

relationship

रिश्ते में आने के बाद अक्सर लोगों के व्यवहार में बदलाव देखने को मिलता है। कई बार पार्टनर एक-दूसरे को लेकर पहले से ज्यादा पजेसिव हो जाते हैं। यानी उन्हें अपने साथी की हर छोटी-बड़ी बात की चिंता होने लगती है और वे उसे खोने के बारे में सोचकर भी परेशान हो जाते हैं। यह भावना सिर्फ लड़कियों में ही नहीं बल्कि लड़कों में भी होती है, हालांकि कई मामलों में लड़कियां इसे ज्यादा खुलकर जाहिर करती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे सिर्फ भावनाएं ही नहीं बल्कि दिमाग और शरीर में होने वाले कुछ बदलाव भी जिम्मेदार होते हैं। जब कोई व्यक्ति किसी रिश्ते में गहराई से जुड़ जाता है तो उसका दिमाग उस इंसान को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा मानने लगता है।

‘लव हार्मोन’ बढ़ाता है लगाव

रिश्तों में गहरा जुड़ाव बनने के पीछे ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) नाम का हार्मोन अहम भूमिका निभाता है। इसे अक्सर ‘लव हार्मोन’ भी कहा जाता है। यह हार्मोन लोगों के बीच भरोसा, अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने का काम करता है।

इसी वजह से पार्टनर का हाथ पकड़ना, गले लगना या साथ समय बिताना खास महसूस होता है। जब यह हार्मोन ज्यादा सक्रिय होता है तो व्यक्ति अपने साथी से और ज्यादा जुड़ाव महसूस करने लगता है। ऐसे में दिमाग रिश्ते को सुरक्षित रखने की कोशिश करता है और पार्टनर की गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान देने लगता है।

कई बार यही चिंता और लगाव आगे चलकर पजेसिवनेस में बदल जाता है। व्यक्ति को डर सताने लगता है कि कहीं वह अपने साथी को खो न दे।

पुराने अनुभव भी डालते हैं असर

पजेसिव होने की एक और बड़ी वजह रिश्ते में किया गया भावनात्मक निवेश होता है। जब कोई व्यक्ति किसी रिश्ते में अपना समय, भरोसा और भावनाएं लगाता है, तो वह उस रिश्ते को लेकर ज्यादा संवेदनशील और सुरक्षात्मक हो जाता है।

इसके अलावा, अगर किसी का पहले का रिश्ता खराब रहा हो या उसे धोखा मिला हो, तो उसका असर नए रिश्ते पर भी पड़ सकता है। ऐसे लोग कई बार अनजाने में अपने नए पार्टनर को लेकर ज्यादा असुरक्षित महसूस करने लगते हैं।

कब बन सकती है परेशानी?

विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी-बहुत पजेसिवनेस रिश्ते में प्यार, परवाह और अपनापन दिखाती है। लेकिन जब यह भावना जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए और हर बात पर शक या नियंत्रण की कोशिश में बदल जाए, तो रिश्ते में तनाव पैदा हो सकता है।

इसलिए किसी भी रिश्ते में भरोसा, खुलकर बातचीत और एक-दूसरे की व्यक्तिगत आजादी का सम्मान करना बेहद जरूरी माना जाता है। यही चीजें रिश्ते को मजबूत और लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती हैं।

Exit mobile version