ओलावृष्टि। इन दिनों जिस तरह का मौसम एमपी में बना हुआ है, उसमें सबसे ज्यादा ओलावृष्टि का अंदेशा है। मौसम विभाग भी लगातार लोगों को बदले हुए मौसम एवं ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी कर रहा है। हो भी क्यू न, अगर ओलावृष्टि होती है तो इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ जाएगा और वह दाने-दाने के लिए मोहताज हो जाएगा। इतना ही नही सब्जी एवं आम पर ओलावृष्टि का असर पड़ेगा।
ऐसे बनते ओले और फिर होती इनकी बारिश
ओलावृष्टि को लेकर जो तथ्य मिलते है, उसके तहत जलवाष्प से संघनित वायु में जलवाष्प धीरे धीरे मिल कर बड़ी-बड़ी बूंदों में बदल कर बादल बन जाते हैं। ये बादल वायु मंडल में जब ऐसी जगह से गुजरते हैं जहां तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस या उससे कम होता है तो ये बूंदें जमकर ओला बन जाती हैं और भारी होने पर बरसने लगती हैं। इसे ओलावृष्टि कहते हैं।
एमपी में अलर्ट
मौसम के रूख को देखते हुए मौसम विभाग ने 4 अप्रैल तक एमपी के अलग-अलग जिलों में अलर्ट जारी किया है। जानकारी के तहत 2 अप्रैल को खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में ओले गिरने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, जबलपुर, रीवा, सतना, उमरिया, सिवनी, मंडला और अन्य जिलों में तेज आंधी और हल्की बारिश हो सकती है।
इसी तहर 3 अप्रैल को खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, ग्वालियर, भिंड, दतिया और छतरपुर में भी आंधी चल सकती है, जबकि 4 अप्रैल को सिवनी और मंडला में ओले गिरने की संभावना है, बालाघाट में तेज आंधी का अनुमान है।