प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अगुआई में लाल किले पर 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया गया। लेकिन इस बार भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) समारोह में नजर नहीं आए। दोनों नेता लगातार दूसरे साल लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठने की व्यवस्था और समारोह से जुड़े प्रोटोकॉल को लेकर दोनों नेताओं की नाराजगी इसकी वजह बनी।
राहुल गांधी और खरगे को भेजा गया था निमंत्रण
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए बाकायदा निमंत्रण भेजा गया था। रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया था कि दोनों नेताओं की सीट वरीयता क्रम (Table of Precedence) के आधार पर तय की जाएगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के बराबर होता है। इसके बावजूद दोनों नेता समारोह में नहीं पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं का मानना था कि उनके पद के अनुरूप सीटिंग अरेंजमेंट और अन्य प्रोटोकॉल नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने लाल किले के कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी।
2024 में भी बैठने की व्यवस्था पर हुआ था विवाद
राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद 2024 में पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में सीटिंग को लेकर विवाद हुआ था। उस समय राहुल गांधी को लाल किले पर पांचवीं लाइन में बैठाया गया था। कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि नेता प्रतिपक्ष के पद के अनुरूप उन्हें सम्मान नहीं दिया गया।
हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज किया था। मंत्रालय का कहना था कि समारोह में मौजूद ओलंपिक खिलाड़ियों को आगे की सीटें देने के कारण यह व्यवस्था की गई थी। इसके बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे 2025 में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए थे।
गणतंत्र दिवस पर भी उठाया था सवाल
कांग्रेस ने इस साल गणतंत्र दिवस समारोह की सीटिंग व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए थे। पार्टी का आरोप था कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को तीसरी लाइन में बैठाया गया था। वहीं रक्षा मंत्रालय का कहना था कि 2025 और 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह में बैठने की व्यवस्था वरीयता क्रम के अनुसार की गई थी।
लगातार दूसरे साल समारोह में नहीं पहुंचे
इस तरह 2025 के बाद 2026 में भी राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए। एक तरफ सरकार का कहना है कि बैठने की व्यवस्था निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार की जाती है, वहीं कांग्रेस नेताओं की ओर से पद के अनुरूप प्रोटोकॉल नहीं मिलने की नाराजगी सामने आई है। यानी इस बार भी स्वतंत्रता दिवस समारोह (Independence Day Ceremony) से ज्यादा चर्चा राहुल गांधी और खरगे की गैरमौजूदगी और उनकी सीटिंग को लेकर हो रही है।

