Aatm Manthan :इंसान हो या कोई चीज़, हर किसी का अपना एक ख़ास महत्व और काम होता है और उसकी जगह दूसरा नहीं ले सकता भले ही वो बहोत क़ीमती चीज़ हो या फिर गुणवान मनुष्य हो। आपको नहीं लगता ! ये कुछ नियम हैं जीवन के जो आज के इस आधुनिक दौर में भी सटीक साबित होते हैं।
कुछ ऐसा ही कहा है रहीमदास जी ने भी ,कहते हैं- ‘रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिये डारि।
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तलवारि॥
क्यों नहीं होती किसीकी बराबरी :-
जिसका मतलब है बड़ी या मँहगी वस्तु हमारे हाँथ लगने पर छोटी या सस्ती वस्तु का या फिर जो अब तक हमारे काम आ रही थी उसका मूल्य कम नहीं हो जाता क्योंकि हर वस्तु का अपना अलग महत्त्व होता है। इसी बात को समझाते हुए आगे कहते हैं जो काम सूई करती है वो तलवार से नहीं हो सकेगा क्योंकि दोनों के काम अलग उनकी खासियत अलग हैं बेशक दोनों की क़ीमत में ज़मीन आसमान जितना फ़र्क़ हैं फिर भी दोनों की बराबरी नहीं की जा सकती।
इसलिए कभी किसी का महत्व कम नहीं आँकना चाहिए हमेशा यही सोचना चाहिए कि जो भी हमरे पास है वो बहुमूल्य है। ,बड़े या महंगे होने से फ़र्क़ नहीं पड़ता फ़र्क़ पड़ता है तो आपकी ज़िंदगी में उसकी इम्पोर्टेंस से। कोई बड़ी से बड़ी या महंगी से महंगी चीज़ आपके लिए वो काम नहीं कर सकती जो पर्टिकुलर(Particular)उसी काम के लिए बनीं कोई छोटी या सस्ती से सस्ती चीज़ कर सकती है।
यही हाल इंसानों के साथ है हर इंसान की किसी न किसी के लिए एक अलग अहमियत होती है वो हर कोई नहीं समझ सकता वो किसके लिए कितना अहम है ये तो उसकी क़द्र करने वाले से ही पूछना चाहिए यानी हर किसी की इम्पोर्टेंस उसके काम से होती है हर किसी के अपने गुण दोष होते हैं हर कोई हर काम में पारंगत नहीं हो सकता।
कोई किसी की जगह नहीं ले सकता :-
बस इसीलिए रहीमदास जी ने कहा है कि महंगी चीज़ देखकर छोटी या सस्ती चीज़ को तुच्छ नहीं समझना चाहिए। सुई का उदाहरण इसलिए दिया गया है क्योंकि जिस तरह कपड़े सिलने के लिए सुई काम करती है उस तरह बड़ी और महंगी तलवार नहीं कर सकती ,इसी वजह से जब आपको बेहतर से बेहतर मिल जाए तो छोटी या कमज़ोर चीज़ों को फेंकना या उनका तिरस्कार नहीं करना चाहिए बल्कि हमेशा उसका सम्मान ही करना चाहिए ये सोचकर कि जो उसने किया वो उस वक़त कोई और नहीं कर सकता था।
कोई कितना भी गुणवान हो या कोई वस्तु कितनी भी सुन्दर इससे आप उसे उस जगह पर नहीं रख सकते जहाँ पर कोई और विराजमान है मतलब हर किसी का अपना काम और अपना स्थान है वो कोई और नहीं ले सकता जैसे -आपको सुई का काम होगा तो आप तलवार नहीं उठा सकते। ग़ौर ज़रूर करिएगा इस बात पर फिर मिलेंगे आत्म मंथन की अगली कड़ी में धन्यवाद।
