एमपी। बहुजन समाज पार्टी के बैनर तले राजनीति करने वाले फूल सिंह बरैया पहली बार 1998 में चुनाव जीता था। 2019 में बरैया ने कांग्रेस जॉइन की और पार्टी ने 2023 में भांडेर से टिकट दिया, वे चुनाव जीत कर विधायक चुने गए। बरैया कई अन्य दलों में रहकर भी राजनीति कर चुके है।
मैकनिकल इंजीनियरिंग की किए है पढ़ाई
63 साल के फूल सिंह बरैया ने 1988 में बीई (मैकेनिकल) की पढ़ाई पूरी की। वे बसपा में शामिल होकर दलित के नेता के रूप में काम करते रहे, लेकिन महिलाओं और दलितों की महिलाओं को लेकर दिया गया उनका एक बयान विवादों में आ गया है। बीजेपी इस बयान का पूरी तरह से विरोध करते हुए इसे महिलाओं और बेटियों का अपमान करार दिया है। इतना ही नही कांग्रेस पदाधिकारियों से इसमें कार्रवाई की मांग किए है। दरअसल विधायक फूल सिंह ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति रास्ते में किसी सुंदर लड़की को देखता है, तो उसका मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है। और उसके भीतर बलात्कार जैसी प्रवृत्ति उत्पन्न हो सकती है। इतना ही नही उन्होने बयान में ग्रन्थ का हवाला देते हुए कहा कि दलित महिला से सहवास करने का मतलब है कि तीर्थ का पूरा पुण्य मिल जाता है।
ऐसा रहा विवादित बयानों से बरैया का रिश्ता
बरैया का यह कोई पहला विवादित बयान नही इसके पूर्व उन्होने एक सभा में कहा था कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को जागना चाहिए, वरना सवर्ण देश को हिंदू राष्ट्र बना देंगे। उन्होने इसके पूर्व बयान दिया था जिसमें मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से पहले बरैया ने कहा था कि यदि भाजपा 50 से अधिक सीटें जीतती है तो वे अपना मुंह काला कर लेंगे। चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से काला तिलक लगाया।
बरैया का यह बयान भी विवादों में रहा जिसमे उन्होने कहा था कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होती, तो वे भ्रष्ट अधिकारियों की खाल खिंचवाकर उसमें भूसा भरवा देते और कार्यालय में घुसकर भ्रष्ट अधिकारियों को जूता मारते। बरैया ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विधायकों की स्थिति पर कहा कि उनकी हालत “मुंह पर पट्टी बंधे कुत्ते जैसी” हो गई है। ऐसे प्रतिनिधि न तो स्वतंत्र रूप से बोल पाते हैं और न ही अपने समाज के हितों के लिए प्रभावी भूमिका निभा पाते हैं।

