कौन सी फिल्म के थे वो गानें, जिनके हिट न होने के डर से अमित त्रिवेदी ने छुपाया था अपना नाम

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Happy Birthday Amit Trivedi :अमित त्रिवेदी को अनुराग कश्यप की फिल्म में गाने का मौका मिला लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने अपना नाम सामने नहीं आने दिया आइए जानते हैं –

यूँ तो अमित ने अब तक बेहद शानदार गाने गए हैं लेकिन उन्होंने पहली बार सफलता का स्वाद फिल्म ‘देव डी’ के गाने से चखा था और रातों रात स्टार बन गए थे जी हाँ ये वही फिल्म थी जिसके गानों के क्रेडिट में उन्होंनें अपना नाम नहीं दिया था।

कैसे हुआ संगीत से लगाव :-

8 अप्रैल 1979 को मुंबई में पैदा हुए अमित गुजराती परिवार से ताल्लुक रखते हैं बचपन से ही घर पर संगीतमय माहौल देखा और भक्ति संगीत और लोक गीतों की धुनों से खेलते बड़े हुए इसीलिए शायद बचपन से ही ठान लिया था कि वो संगीत की दुनिया में ही नाम कमाएँगे भले ही इसके लिए उन्हें कितना ही संघर्ष क्यों न करना पड़े।

अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए अमित ने कॉलेज के दिनों में अपने दोस्तों के साथ मिलकर ‘ओम’ नाम का एक म्यूजिक बैंड बनाया था जिसमें वो छोटे-छोटे शो करते थे पर कुछ ख़ास पहचान न मिली फिर पकड़ी विज्ञापन की राह

जिंगल से की शुरुआत :-

और थिएटर, टीवी शो और विज्ञापनों के लिए म्यूज़िक तैयार किया, कुछ कंपनियों के लिए जिंगल भी बनाए जिनके ज़रिये ही वो फिल्म निर्माताओं तक पहुँचे और उन्हें पहली बार फिल्म में काम करने का मौका मिला।

अनुराग कश्यप ने थामा हाँथ :-

अमित ने साल 2008 में फिल्म ‘आमिर’ से बॉलीवुड में बतौर म्यूजिक कंपोज़र क़दम रखा और इसके बाद उन्हें मिले निर्देशक अनुराग कश्यप से जिन्होंने उन्हें फिल्म ‘देव डी’ में मौका दिया पर अमित को खुद पर भरोसा नहीं था और उन्हें ये डर था कि अगर गाने नहीं चले तो उनके करियर पर बुरा असर पड़ेगा।

‘देव डी’ के गानों में क्या था ख़ास :-

‘देव डी’ के गाने आज भी जब कहीं सुनाई देते हैं तो एक अलग ही आकर्षण पैदा करते हैं वो इसलिए कि उस समय इस फिल्म के ज़रिये एक अलग तरह के बोल और संगीत ने बॉलीवुड में दस्तक दी थी , नये साउंड और स्टाइल में पिरोए इन गानों का पिक्चराइज़ेशन भी कमाल का था, जो लोगों को काफी पसंद आया और ‘इमोशनल अत्याचार’, ‘नयन तरसे’, और ‘परदेसी’ जैसे गाने बेहद हिट हुए.  “इमोशनल अत्याचार” तो युवाओं में लोकोक्ति की तरह इस्तेमाल किया गया। इस फिल्म के बाद अमित त्रिवेदी को न केवल पहचान मिली बल्कि उन्हें नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया हालाँकि ये वही गाने थे जिनमें केवल संगीत नहीं दिया था बल्कि अमिताभ भट्टाचार्य के साथ आवाज़ देने के बाद भी उन्होंने अपना नाम क्रेडिट में नहीं दिया था।

इन गानों की सफलता के बाद अमित त्रिवेदी ने माना कि ये गाने उन्होंने भी गाए हैं और फिर कभी पीछे मुड़कर भी नहीं देखा. उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में म्यूजिक और आवाज़ दी जैसे उड़ान, क्वीन, लुटेरा, इश्कजादे और उड़ता पंजाब। नेशनल फिल्म अवॉर्ड , फिल्मफेयर अवॉर्ड के साथ-साथ कई और अवॉर्ड भी हासिल कर चुके हैं।

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