इंदौर। दिव्यांगजन को सिर्फ 600 रूपए पेंशन मामले में एमपी हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने शासन से जबाब मांगा है, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि प्रदेश में लाडली बहनों को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं तो फिर दिव्यांगजन को सिर्फ 600 क्यों।
लगाई गई है जनहित याचिका
दरअसल अधिवक्ता मनीष विजयवर्गीय ने एक जनहित याचिका कोर्ट में लगाई है। जिसमें उन्होने मांग किया है कि प्रदेश में दिव्यांगजन को दी जाने वाली पेंशन की राशि बढ़ाई जाए। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 24 के अनुसार दिव्यांजन को प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं से कम से कम 25 प्रतिशत अधिक राशि पेंशन के रूप में दी जाना चाहिए।
जाने कितनी मिलनी चाहिए दिव्यांगजनों को पेंशन
बताया गया है कि प्रदेश में लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने दिए जा रहे है। इस हिसाब से प्रदेश में दिव्यांगजन को 1875 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाना चाहिए, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। इस पर अब कोर्ट ने सरकार से जबाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए 4 सप्ताह का समय तय किया है।
