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Bihar Assembly Election 2025: क्या है बिहार की कोचाधामन का सियासी गणित?

Bihar Assembly Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज़ हो गई है। राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने कई नई योजनाओं की घोषणा की है, वहीं प्रशांत किशोर की नई पार्टी ‘जन सुराज’ और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) भी इस चुनाव में ताल ठोकने को तैयार हैं। बिहार की कोचाधामन विधानसभा सीट की बात करें तो यह किशनगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।

यह विधानसभा पश्चिम बंगाल से सटी हुई है।

यह सीट पश्चिम बंगाल से होकर भारत-बांग्लादेश सीमा के करीब है। कोचाधामन सीट 2008 में परिसीमन के बाद बनी थी और तब से इसे मुस्लिम बहुल सीट माना जाता है। इस सीट पर पहला विधानसभा चुनाव 2010 में हुआ था। पहले यह इलाका किशनगंज विधानसभा सीट का हिस्सा हुआ करता था।

पिछले चुनाव के नतीजे क्या थे? Bihar Assembly Election 2025

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने कोचाधामन विधानसभा सीट पर जीत हासिल की। AIMIM के मुहम्मद इज़हार असफी को 79,893 वोट मिले। उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुजाहिद आलम को 36,143 वोटों के भारी अंतर से हराया। मुजाहिद आलम को 43,750 वोट मिले। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मोहम्मद शाहिद आलम तीसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 26,134 वोट मिले।

इस चुनाव में 12 उम्मीदवार मैदान में थे। Bihar Assembly Election 2025

इस सीट पर कितने मतदाता हैं? Bihar Assembly Election 2025

बिहार की कोचाधामन विधानसभा सीट पर 2020 के विधानसभा चुनाव में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 2,38,377 थी। इनमें से पुरुष मतदाता 1,23,223 और महिला मतदाता 1,15,154 थीं। पिछले चुनाव में यहाँ मतदान प्रतिशत 66.5% से 67.1% के बीच था।

कोचाधामन सीट का राजनीतिक समीकरण।

कोचाधामन विधानसभा सीट का गठन 2008 में हुआ था और इसका चुनावी सफर 2010 से शुरू हुआ। यह सीट शुरू से ही मुस्लिम बहुल रही है। 2010 के विधानसभा चुनाव में राजद के टिकट पर अख्तरुल ईमान ने जीत हासिल की थी। 2014 में अख्तरुल ईमान ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव हुए। उपचुनाव में जदयू के मुजाहिद आलम ने जीत हासिल की थी।

क्या है पिछले चुनाव का राजनीतिक समीकरण

2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) के मुजाहिद आलम ने अपनी जीत बरकरार रखी थी। उन्होंने एआईएमआईएम के अख्तरुल ईमान को हराया था। इसके बाद 2020 के विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के मुहम्मद इज़हार असफी ने जनता दल (यूनाइटेड) के मौजूदा विधायक मुजाहिद आलम को भारी अंतर से हराकर यह सीट जीत ली। आपको बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला था। इस चुनाव में एआईएमआईएम के टिकट पर 5 विधायक जीते थे, जिनमें से चार राजद में शामिल हो गए।

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