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What is The Objective 0f National Protein Day-2026 : सेहतमंद भारत की ओर एक कदम

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प्रोटीन के प्रमुख स्रोत-प्लांट बेस्ड और नॉन-वेज Major Sources of Protein-Plant-Based and Non-Veg

What is The Objective 0f National Protein Day-2026 : सेहतमंद भारत की ओर एक कदम-क्या आप जानते हैं कि भारत में औसत व्यक्ति के आहार में प्रोटीन की मात्रा आवश्यकता से कम पाई जाती है? स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच, भारत में हर साल 27 फरवरी को ‘राष्ट्रीय प्रोटीन दिवस’ (National Protein Day) मनाया जाता है। साल 2020 में शुरू हुई इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रोटीन को “किंग ऑफ न्यूट्रिएंट्स” के रूप में स्थापित करना और भारतीय आहार में प्रोटीन की भारी कमी (लगभग 48 ग्राम/दिन, जो आवश्यकता से 25% कम है) को दूर करना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि एक स्वस्थ शरीर के लिए प्रोटीन युक्त संतुलित आहार कितना आवश्यक है। भारत में हर साल 27 फरवरी को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय प्रोटीन दिवस (National Protein Day) क्यों जरूरी है ? जानिए प्रोटीन के फायदे, कमी के लक्षण, समृद्ध स्रोत और इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाने के आसान तरीकों में।

क्या है राष्ट्रीय प्रोटीन दिवस का उद्देश्य ?

What is the Objective of National Protein Day-?

राष्ट्रीय प्रोटीन दिवस का प्राथमिक उद्देश्य आम जनमानस को प्रोटीन के प्रति जागरूक करना है। यह केवल बॉडी बिल्डरों के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र के व्यक्ति के लिए जरूरी है। इस दिन को मनाने के पीछे निम्नलिखित लक्ष्य हैं:

    शारीरिक विकास-बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए शरीर के उचित विकास और रखरखाव हेतु प्रोटीन के महत्व को रेखांकित करना।

    रोग प्रतिरोधक क्षमता-प्रोटीन एंटीबॉडीज बनाने में मदद करता है, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

    मांसपेशियों की मरम्मत-दैनिक जीवन में टूट-फूट का सामना कर रही मांसपेशियों की मरम्मत और उन्हें मजबूती देना।

    कमी दूर करना-भारत में प्रोटीन की कमी (Protein Gap) को पाटने के लिए लोगों को प्रेरित करना।

    प्रोटीन के प्रमुख स्रोत-प्लांट बेस्ड और नॉन-वेज
    Major Sources of Protein-Plant-Based and Non-Veg

    प्रोटीन की कमी-एक गंभीर चिंता

    Protein Deficiency-A Serious Concern

    भारत में प्रोटीन की कमी एक छुपी हुई महामारी की तरह है। अध्ययन बताते हैं कि भारतीय थाली में प्रोटीन की मात्रा 48 ग्राम प्रतिदिन के आसपास है, जबकि एक स्वस्थ वयस्क के लिए आवश्यक मात्रा लगभग 0.8 से 1 ग्राम प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के हिसाब से होती है। इस कमी के कारण थकान, कमजोरी, बालों का झड़ना, त्वचा संबंधी समस्याएं और मांसपेशियों का क्षय हो सकता है।

    प्रोटीन के प्रमुख स्रोत-प्लांट बेस्ड और नॉन-वेज

    Major Sources of Protein-Plant-Based and Non-Veg

    अच्छी बात यह है कि शाकाहारी और मांसाहारी, दोनों तरह के लोगों के लिए प्रोटीन के भरपूर स्रोत मौजूद हैं। अपनी डाइट में विविधता लाकर आप अपनी रोज की प्रोटीन जरूरत को आसानी से पूरा कर सकते हैं।

      शाकाहारी स्रोत (Vegetarian Sources)-दालें (मसूर, चना, अरहर), राजमा, चना, सोयाबीन (और टोफू), पनीर, दूध, दही (खासकर ग्रीक योगर्ट), मेवे (बादाम, अखरोट), बीज (कद्दू के बीज, चिया सीड्स), और क्विनोआ।

      मांसाहारी स्रोत (Non-Vegetarian Sources)-अंडे, चिकन ब्रेस्ट, मछली (विशेषकर सैल्मन और टूना), और अन्य समुद्री भोजन।

      पिछले वर्षों की थीम-एक झलक

      Previous Years’ Themes-A Glance

      हर साल राष्ट्रीय प्रोटीन दिवस एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है, जो उस वर्ष के फोकस को दर्शाता है।”पौधों से प्राप्त प्रोटीन से भरपूर ऊर्जा”-जिसमें प्लांट बेस्ड प्रोटीन पर जोर दिया गया।”खाद्य भविष्यवाद”(Food Futurism)-जिसमें भविष्य की खाद्य जरूरतों और सतत प्रोटीन स्रोतों पर चर्चा हुई। थीम हर साल बदलती है, लेकिन मूल उद्देश्य प्रोटीन के प्रति जागरूकता फैलाना ही रहता है।

      निष्कर्ष-प्रोटीन युक्त जीवनशैली अपनाएं-राष्ट्रीय प्रोटीन दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक संकल्प लेने का दिन है। यह हमें अपने खानपान पर पुनर्विचार करने और प्रोटीन को अपनी थाली का अहम हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करता है। चाहे आप युवा हों, बुजुर्ग, या फिर कोई एथलीट, प्रोटीन आपके संपूर्ण स्वास्थ्य की नींव है। तो इस 27 फरवरी को, अपने आहार में प्रोटीन युक्त विकल्पों को शामिल करने का संकल्प लें और एक स्वस्थ, ऊर्जावान जीवन की ओर कदम बढ़ाएं। याद रखें, एक संतुलित आहार ही एक स्वस्थ भारत की कुंजी है।

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