नए वक्फ कानून से मुसलमानों का क्या फायदा?

What is the benefit of the new Waqf law to Muslims: केंद्र सरकार बार-बार यह कह रही है कि वक्फ संशोधन बिल से गरीब मुसलमानों को फायदा होगा, इधर विपक्ष देश के मुसलमानों को यह कहकर बरगालने की कोशिश कर है है कि इस बिल केकानून बनने से सरकार मुसलमानों का घर छीन लेगी, दुकान छीन लेगी, मस्जिद-मदरसे छीन लेगी। लेकिन Waqf Amendment Bill में ऐसी कोई बात लिखी ही नहीं है. जब केंद्र सरकार CAA लेकर आई थी तब विपक्ष कहता था मुसलमानों की नागरिक छीन ली जाएगी, जब 370 आया तो कहा गया कश्मीर से मुसलमानों को बाहर निकाल दिया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

वक्फ बिल से मुसलमानों का क्या फायदा

What is the benefit of Wakf Bill to Muslims: वक्फ के नाम पर वक्फ बोर्ड के लोगों ने कई सालों से गरीब मुसलमानों को धोखा देने के सिवाय और कुछ नहीं किया है. जो मुसलमान आज Waqf Amendment Bill के खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात कह रहे हैं उन्हें यह मालूम ही नहीं है कि उन्हें मजहब के नामपर कितना ठगा गया है.

गरीब मुसलमानों के हित में कमा होगा

सरकार ने बताया कि वक्फ बोर्ड के पास 8,65,644 अचल संपत्तियां हैं (दिसंबर 2022 तक), जो 9.4 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र को कवर करती हैं। यह रेलवे और रक्षा मंत्रालय के बाद देश में तीसरी सबसे बड़ी संपत्ति हिस्सेदारी है।

इन विशाल संपत्तियों के बावजूद, वक्फ बोर्ड की सालाना आय केवल 200 करोड़ रुपये के आसपास है। सरकार का कहना है कि यह आय संपत्तियों के मूल्य और संभावित राजस्व (12,000 करोड़ रुपये) से बहुत कम है, जो कुप्रबंधन और हेरफेर का संकेत देता है।

सरकार का कहना है कि बिल के जरिए डिजिटाइजेशन, केंद्रीय पोर्टल और CAG ऑडिट से संपत्तियों का प्रबंधन बेहतर होगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में दावा किया कि सही प्रबंधन से यह आय 12,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। यह अतिरिक्त पैसा गरीब मुसलमानों के लिए स्कूल, अस्पताल, कौशल विकास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में इस्तेमाल हो सकता है।

भ्रष्टाचार पर रोक

बिल में CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) ऑडिट और केंद्रीय पोर्टल के जरिए संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन का प्रावधान है। इससे भ्रष्टाचार और संपत्तियों के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी, जिसका फायदा गरीबों को मिल सकता है, क्योंकि अभी ये संपत्तियां अक्सर धनाढ्य लोगों के हाथों में चली जाती हैं। । बिल में संपत्तियों के सर्वे के लिए कलेक्टर को अधिकार देना, ऑडिट का प्रावधान और पारदर्शी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि संपत्तियां गलत हाथों में न जाएं। इससे गरीबों के हक का पैसा उन तक पहुंच सकता है।

महिलाओं की भूमिका

मुस्लिम समुदाय में महिलाओं को प्रबंधन की जिम्मेदारी देना एक Taboo माना जाता है. लेकिन सरकार ने वक्फ बोर्ड के मैनेजमेंट में महिलाओं को बड़ी जिम्मेदारी देने का काम किया है। आखिर अल्लाह की संपत्ति में मुस्लिम महिलाओं का भी अधिकार बनता है. बिल में वक्फ बोर्ड में दो महिलाओं और ओबीसी मुसलमानों को शामिल करने का प्रावधान है। इससे गरीब मुस्लिम महिलाओं और पिछड़े समुदायों की आवाज मजबूत होगी, जो नीतियों में उनके हितों को आगे ला सकता है।

वक्फ के नाम पर लूट मची थी

संसद में किरेन रिजिजू ने 19 फरवरी 2025 को बताया कि 2001-2012 के बीच करीब 2 लाख करोड़ रुपये की वक्फ संपत्ति निजी संस्थानों को 100 साल की लीज पर दी गई। उदाहरण के तौर पर, बेंगलुरु में 602 एकड़ जमीन को हाई कोर्ट ने जब्त होने से बचाया, जो निजी हाथों में जा रही थी। सच्चर कमेटी (2006) और के. रहमान खान की संसदीय समिति ने भी इसकी पुष्टि की थी कि वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग हो रहा है।

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