What is Secondary Hypertension : आजकल हर तीसरा-चौथा इंसान बीपी की समस्या से ग्रस्त है। हाई ब्लड प्रेशर एक आम समस्या बन चुकी है। लेकिन, ज्यादातर लोग ब्लड प्रेशर को सामान्य समझकर बीपी हाई और लो होने की समस्या इग्नोर कर देते हैं। मगर, क्या आप जानते हैं कि ब्लड प्रेशर के बढ़ने से स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी फेल होने की प्रॉब्लम हो सकती है। इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना और सही जीवनशैली अपनाना बहुत जरूरी है, जिससे स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी की बीमारी से बचा जा सके। सामान्य हाई ब्लड प्रेशर के साथ-साथ सेकेंडरी हाइपरटेंशन का खतरा भी बढ़ रहा है। सही समय पर जांच और इलाज जरूरी है। इससे आप गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।
क्या होता है हाइपरटेंशन?
हाई ब्लड प्रेशर के लेवल का हाई होना एक खतरनाक रूप है, जिसे सेकेंडरी हाइपरटेंशन कहा जाता है। हाइपरटेंशन की स्थिति में हार्ट (Heart) और दूसरे अंगों (Human Organ) को नुकसान पहुंचने का खतरा ज्यादा होता है। खासकर, आजकल की जेनरेशन में ब्लड प्रेशर का हाई होना आम बात हो गई है। ज्यादा वर्क लोड और ज्यादा टेंशन के चलते अक्सर लोग बीपी हाई हो जाता है, जो हाइपरटेंशन की समस्या बनता है। डॉक्टर और विशेषज्ञ लंबे समय से हाइपरटेंशन को लेकर अलर्ट कर रहें थे। अब नए रिसर्च में इसकी पुष्टि भी हो गई है।
रिसर्च में क्या पाया गया?
भारत में 18 से 40 साल के युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर पाया गया, तो उनमें से 22% से ज्यादा लोग सेकेंडरी हाइपरटेंशन से पीड़ित थे। ये आंकड़ा दुनिया के दूसरे देशों से अलग है। वहां माना जाता है कि लगभग 90% मामलों में हाई ब्लड प्रेशर प्राइमरी होता है। यानी भारत में युवाओं में सेकेंडरी हाइपरटेंशन अब आम हो रहा है। यह ट्रेंड बहुत चिंता का कारण है।
WHO ने दी चेतावनी
हाई ब्लड प्रेशर दुनिया में मौतों का एक बड़ा कारण है। WHO के अनुसार, हर साल करीब 1.79 करोड़ मौतें हाई ब्लड प्रेशर से होती हैं। यह मौतें लगभग 31% हैं। जब ब्लड प्रेशर 140/90 mm Hg या उससे ऊपर रहता है, तो उसे हाईपरटेंशन कहा जाता है।
हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर क्यों कहते हैं?
हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखते हैं। इसलिए इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। यह बहुत खतरनाक है क्योंकि बिना लक्षण के ही शरीर को नुकसान पहुंचाता है। भारत में करीब 30 से 35.5 प्रतिशत लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं।
सेकेंडरी हाइपरटेंशन क्या है?
सेकेंडरी हाइपरटेंशन क्या होता है? ये तब होता है जब ब्लड प्रेशर किसी दूसरी बीमारी के कारण बढ़ता है। यह समस्या किडनी, हार्ट, आर्टरीज या हार्मोन से जुड़ी हो सकती है। कभी-कभी गर्भावस्था में भी यह हो सकता है।
सेकेंडरी हाइपरटेंशन के लक्षण क्या हैं?
- अक्सर कोई खास लक्षण नहीं दिखते।
- लेकिन कुछ संकेत हैं, जैसे कि दवाओं से ब्लड प्रेशर कंट्रोल न होना।
- बहुत ज्यादा ब्लड प्रेशर (सिस्टोलिक 180 mm Hg से ऊपर या डायस्टोलिक 120 mm Hg से ज्यादा)।
- पहले से ली जा रही दवाओं का असर न दिखना।
- 30 से कम या 55 के बाद अचानक हाई ब्लड प्रेशर शुरू होना।
- परिवार में हाई ब्लड प्रेशर का इतिहास न होना।
- मोटापा न होना भी संकेत हो सकता है।
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