Site icon SHABD SANCHI

क्या है मेमू ट्रेन, जिसे देवेन्द्र नगर से चुरहट के बीच चलाने का निणर्य, बुंदेल और विंध्य के बीच जुड़ रही यह सुविधा

रेल्वे। रेलवे बोर्ड ने देवेंद्र नगर से चुरहट के बीच यानि कि सतना और रीवा के रास्ते नई मेमू ट्रेन चलाने का निणर्य लिया है। आखिरकार यह मेमू ट्रेन है क्या, जिसके माध्यम से रेलवे मंडल बुंदेलखंड से बघेलखंड को जोड़ रहा है। जानकारी के तहत 24 अक्टूबर से ट्रेन नंबर 61629 (देवेंद्र नगर से चुरहट) और 61630 (चुरहट से देवेंद्र नगर) के बीच सफर करने जा रही हैं। रविवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन यह ट्रेन उक्त क्षेत्र में दौड़ेगी।

इन स्टेशनों से करेगी सफर

जानकारी के तहत यह मेमू ट्रेन सतना और रीवा होकर गुजरेगी, जिसमें फुलवारी, नागौद, बरेठिया, करही, कैमा, सकरिया, हिनौता रामवन, रामपुर नैकिन, गोविंदगढ़, शिलपरा और चुरहट जैसे स्टेशन शामिल हैं। इस रूट पर सफल ट्रायल रन किया जा चुका है। रेलवे द्वारा 24 अक्टूबर 2026 के आसपास इसका नियमित संचालन शुरू करने की तैयारी है।

क्या है मेमू ट्रेन

मेमू का पूरा नाम मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट है। यह भारतीय रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली बिजली से चलने वाली एक विशेष प्रकार की ट्रेन है। यह मुख्य रूप से छोटे और मध्यम दूरी (आमतौर पर 100 से 200 किलोमीटर तक) के ग्रामीण, अर्ध-शहरी और एक शहर को दूसरे शहर से जोड़ने वाले मार्गों पर चलती है।

ऐसे चलती है ट्रेन

इसमें पारंपरिक ट्रेनों की तरह सिर्फ आगे या पीछे अलग से इंजन नहीं होता है। इसके हर कोच के नीचे या कई कोचों में ट्रेक्शन मोटर लगी होती है, जिससे ट्रेन बहुत जल्दी स्पीड पकड़ लेती है और रुकती भी आसानी से है। इसकी अधिकतम रफ्तार लगभग 105 से 110 किमी प्रति घंटा होती है, जो सामान्य पैसेंजर ट्रेनों की तुलना में काफी तेज होती है। इसमें आमतौर पर 8 से 16 कोच तक होते हैं और एक बार में 500 से अधिक यात्री यात्रा कर सकते हैं।

मेमू और ईएमयू में अंतर

यह सामान्य लोकल ट्रेनें होती हैं जो मुख्य रूप से बड़े शहरों और उनके उपनगरों के बीच चलती हैं (जैसे मुंबई या कोलकाता की लोकल ट्रेन)। यह ईएमयू का ही एक उन्नत और मजबूत रूप है, जिसे शहरों से बाहर मेनलाइन और लंबे ग्रामीण, अर्ध-शहरी रूटों पर कम स्टेशनों पर रुकते हुए चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Exit mobile version