What Is Healthy Diet: हम क्या कुछ नहीं करते स्वस्थ रहने के लिए इसके बावजूद बिमारियों की चपेट में आ ही जाते हैं ,या कभी-कभी हम कुछ ख़ास नहीं भी करते हैं तो भी स्वस्थ रहते हैं जल्दी बीमारियाँ हमें परेशान नहीं करती आख़िर इसका क्या कारण है,क्या वे लोग ही स्वस्थ रहते हैं जो हेल्दी डाइट के बारे में जानते हैं उसे फॉलो करते हैं अगर आप भी हैं इस बारे में थोड़ा कन्फ्यूज़्ड तो आइए समझने की कोशिश करते हैं हेल्दी डाइट को।
क्या होती है रक्षात्मक प्रणाली :-
यहाँ हम आपको ये भी याद दिला दें कि हमारे शरीर कई छोटी -मोटी बीमारियों से तो खुद ही लड़ लेता है लेकिन जब वो इन बीमारियों से हार जाता है तब हमें तकलीफ़ का एहसास होता है, वो ऐसे कि हमारे अंदर ऐसी रक्षात्मक प्रणाली है जो खुद ही बीमारियों से लड़ने में सक्षम है जिसे हम अपनी इम्यूनिटी या रोग प्रतिरोधक क्षमता कहते हैं जो हर पल हमारे आसपास मौजूद करोड़ों सूक्ष्म जीवाणुओं से लड़ती रहती है और इन सूक्ष्म जीवाणुओं को मार देती है जिससे ये जीवाणु हमारे शरीर के अंदर पहुँच कर भी हमारा कुछ बिगाड़ नहीं पाते पर जब हमारी इम्यूनिटी वीक होती है तो हम इन बिमारियों के चपेट में आने से नहीं बच पाते।
क्यों लेना चाहिए हेल्दी डाइट :-
अब सवाल ये उठता है कि तो फिर हमें हेल्दी डाइट की क्या ज़रूरत तो इसका जवाब ये है कि हमारे शरीर की इसी रक्षात्मक प्रणाली को मज़बूत बनाने के लिए हमें हेल्दी डाइट की ज़रूरत होती है और ये बिल्कुल भी ज़रूरी नहीं है कि ये स्वस्थ आहार हर दफा महंगा ही हो लेकिन ये वो भोजन ज़रूर होता है जिसके पोषक तत्व हमारे शरीर में रक्षात्मक प्रणाली को मज़बूत बनाते हैं।
ये स्वस्थ आहार हमारे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व विटामिन और खनिज प्रदान करता है जिससे वज़न नियंत्रित रहता है और हृदय रोग मधुमेह व कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है। स्वस्थ आहार में ताज़े फल सब्जियाँ साबुत अनाज दालें और कम वसा वाला प्रोटीन शामिल होता है साथ ही चीनी नमक और सैचुरेटेड वसा भी कम होती है।
हेल्दी डाइट में क्या-क्या होना चाहिए :-
हेल्दी डाइट का मतलब है कि रोज़ हरी सब्जियाँ ,फल, बींस या दाल, साबुत अनाज, बादाम, बीज वाले अनाज, लीन प्रोटीन और लो फैट डेयरी प्रोडक्ट हमारे भोजन में शामिल हों ,रोज़ इसलिए क्योंकि ये हमारी दैनिक आवश्यकता है इसी से हमारा शरीर मज़बूत बनता है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है फिर बीमारियों का जोखिम भी कम हो जाता है। रोज़ाना अलग-अलग रंग के दो फ्रूट, दो सब्ज़ी और दो तरह के लीन प्रोटीन प्रोडक्ट को शामिल करने से हम हेल्दी बने रहते हैं।
हेल्दी डाइट का रूल कैसे बनाएँ :-
इसके लिए तो सबसे ज़रूरी है कि आपने जो भी खाया है उसे याद रखें जैसे अगर आपने दिन में आलू-गोभी की सब्जी खाई है तो रात में एक हरी सब्ज़ी को अपने खाने में ज़रूर शामिल करें वहीं दो रंग के फलों में आप सेब और अमरूद को खाएँ ,इसे आप अपने हिसाब से तय कर सकते हैं, यदि आप नॉन-वेजेटिरयन हैं तो फिश या चिकेन किसी एक टाइम ही लें।
अपनी थाली को रंगों से सजाएँ : –
प्लांट आधारित प्रोटीन वाले प्रोडक्ट जैसे बींस, टोफी, वेजिटेबल, बिना नमक वाले और बीज वाले प्रोडक्ट की लिस्ट बना लें और ऐसे ही कुछ भी न खाएँ बल्कि एक सप्ताह के लिए क्या खाना है ये निर्धारित कर लें अपने पेट को भी एक थाली ही समझे और उसे दो रंगों के फल सब्ज़ियों के साथ सफ़ेद चावल ,पीली दाल ,गेहुएँ रंग की रोटी और रंग बिरंगी सलाद और अचार से सजाएँ इसे और अच्छा बनाने के लिए साबुत अनाज में आप साबुत अनाज वाले ब्रेड, साबुत अनाज पास्ता, ब्राउन या ब्लैक राइस, डेयरी प्रोडक्ट जिनमें फैट न हो, वो ले सकते हैं साथ ही छाछ हर सप्ताह ज़रूर पिएँ, शक्कर की जगह गुड़ का इस्तेमाल करें तेल या घी को भी उचित मात्रा में लें और नट्स को भी जगह दें।

