What Is 25th Amendment Of US Constitution: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर मानसिक संतुलन बिगड़ने के आरोप लग रहे हैं, माना जा रहा है कि ट्रंप की मानसिक स्थिति अब एक राष्ट्रपति और राजनीतिक रूप से बने रहने के लिए स्थिर नहीं है, उनके हाथ में दुनिया की सबसे ताकतवर शक्ति का बटन है और वो इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं.
ऐसी बातें इस लिए उठ रही हैं क्योंकी ट्रंप ने ईरान जंग के सीजफायर से पहले ईरान की पूरी सभय्ता को खत्म करने की धमकी दी थी. पूरी दुनिया भयभीत थी कि कहीं ट्रंप ईरान में न्यूक्लियर हमला कर पूरे देश को राख में न बदल दें क्योंकी उन्होंने साफ़ साफ़ कहा था ‘आज की रात ईरान की पूरी सभ्यता मर जाएगी’
अब अचानक से अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन (25th Amendment to the US Constitution) ट्रेंड होने लगा है. ऐसा मानना है कि यूएस सीनेट में विपक्ष जल्द इस संशोधन की मदद से ट्रंप को सत्ता से उठाकर फेंक सकता है. अमेरिका में डेमोक्रेटिक सांसद खुले तौर पर यह कह रहे हैं कि ट्रंप को हटाने के लिए 25वें संशोधन का इस्तेमाल होना चाहिए। ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन के खेमे के सांसदों को भी यह आभास हो गया है कि ट्रंप अब खतरनाक हो चुके हैं और वो अमेरिका को युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा करने के पीछे तुले हैं.
क्या है अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन
What is the 25th Amendment to the US Constitution: यह कोई समाधन नियम नहीं है बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति को सत्ता से हटाने के लिए सबसे संवेदनशील और सबसे बड़ा संवैधानिक हथियार है लेकिन यह विपक्ष नहीं राष्ट्रपति के अपने सांसदों के हाथों में होता है.
अमेरकी संविधान का 25वां संशोधन 1967 में लागू हुआ था. इससे पहले अमेरिका में यह व्यवस्था नहीं कि थी अगर पद में रहते हुए कोई राष्ट्रपति गंभीर बीमारी में चला जाए या कोमा में चला जाए या फिर मानसिक रूप से अस्थिर हो जाए तो सत्ता किसे मिलेगी?
1967 से पहले कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों के साथ ऐसी घटनाएं हुईं मगर उनकी जगह किसी और को सत्ता नहीं सौंपी गई मगर 1963 में जब अमेरिकी प्रेजिडेंट जॉन एफ कैनेडी की हत्या (Assassination of US President John F. Kennedy) हुई तब सब कुछ बदल गया.
कैनेडी की हत्या के बाद यह आभास हुआ कि राष्ट्रपति का पद सिर्फ एक पद नहीं बल्कि परमाणु ताकत का कंट्रोल रूम है. अगर राष्ट्रपति के साथ कोई अनहोनी हो जाए और सत्ता किसी और को न दी जाए तो देश संकट में पड़ सकता है. इसके बाद ही 25वां संशोधन लाया गया.
25वां संशोधन अमेरिकी संविधान
25वां संशोधन में 4 भाग हैं:
भाग 1: अमेरिका के राष्ट्रपति की मौत या इस्तीफे पर क्या होगा: अगर राष्ट्रपति मर जाते हैं या इस्तीफा दे देते हैं, तो उपराष्ट्रपति सीधे राष्ट्रपति बन जाता है.
भाग 2: अगर अमेरिकी उपराष्ट्रपति का पद खाली हो जाए तो: अगर उपराष्ट्रपति का पद खाली हो जाए तो राष्ट्रपति एक नया उपराष्ट्रपति नामित कर सकता है, जिसे Congress की मंजूरी लेनी होगी.
भाग 3: अगर राष्ट्रपति खुद कहे कि मैं असमर्थ हूँ: अगर राष्ट्रपति खुद यह घोषित करे कि वह कुछ समय के लिए काम नहीं कर सकते, तो उपराष्ट्रपति अस्थायी रूप से Acting President बन जाता है. यह आमतौर पर तब होता है जब राष्ट्रपति किसी मेडिकल प्रोसीजर में हों, जैसे सर्जरी.
भाग: अगर राष्ट्रपति पद छोड़ने को तैयार न हो: यही सबसे विवादित हिस्सा है. Section 4 कहता है कि अगर उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत को लगे कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों को निभाने में असमर्थ हैं, तो वे लिखित रूप में Congress को बता सकते हैं.
- सेक्शन 4 के अनुसार अगर उपराष्ट्रपति कांग्रेस को यह जानकारी देते हैं कि राष्ट्रपति अब अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर रहे और पद से हट नहीं रहे तो इस पत्र के भेजे जाने के साथ ही उपराष्ट्रपति उस वक़्त से ही अमेरिका का एक्टिंग प्रेजिडेंट बन जाता है.
- अमेरिका में ट्रंप का तख्तापलट सिर्फ एक आदमी कर सकता है और वो हैं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) लेकिन ट्रंप को हटाना इतना भी आसान नहीं होगा।
- मान लीजिये कि वेंस ने कांग्रेस को पत्र भेजा और उसी वक़्त से राष्ट्रपति की शक्तियां उनको मिल गईं फिर भी ट्रंप देश के राष्ट्रपति ही कहलाएंगे मगर बिना शक्तियों के और वेंस एक्टिंग प्रेसिडेंट बन जाएंगे
- इसके बाद ट्रंप यह आरोप लगा सकते हैं कि उनके खिलाफ साजिश हुई है, वो ठीक है और इस पद के लिए सक्षम हैं और उनके उनके अधिकार वापस दिए जाएं
- इसके बाद वेंस कैबिनेट पर फिर से लिखकर दे दें कि नहीं ट्रंप असमर्थ हैं तो मामला कांग्रेस के पास जाएगा
- अब कांग्रेस में वोटिंग होगी और 21 दिनों के अंदर फैसला करना होगा और हॉउस और सीनेट में दो तिहाई बहुमत से यह तय हो जाए कि ट्रंप असमर्थ हैं तो वेंस एक्टिंग प्रेसिडेंट बने रहेंगे और अगर बहुमत नहीं मिला तो ट्रंप को उनकी शक्तियां वापस मिल जाएंगी।
क्यों उठ रही है 25वें संशोधन की मांग
ट्रंप में ‘ईरान सभ्यता खत्म करने वाले पोस्ट’ के बाद दुनिया ने इसे सामान्य नहीं माना बल्कि अमेरिकी सांसदों ने यह कहना शुरू कर दिया कि ट्रंप अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और उनके अंदर एक राष्ट्रपति जैसी निर्णय लेने वाली क्षमता नहीं रह गई है. अगर ट्रंप ईरान को खत्म करने पर आमादा हुए तो सिर्फ अमेरिका नहीं पूरी दुनिया संकट में पड़ जाएगी।
डेमोक्रेट सांसद राजा कृष्णमूर्ति, रशीदा तलैब और इल्हान ओमर जैसे नेताओं ने सार्वजनिक रूप से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से अपील की कि 25वें संशोधन का इस्तेमाल किया जाए.
मामला यहां तक पहुंचा कि दक्षिणपंथी रिपब्लिकन नेता और ट्रंप समर्थक मानी जाने वाली मार्जोरी टेलर ग्रीन ने भी ट्रंप के बयानों को “पागलपन” जैसी भाषा में वर्णित किया.
यह असामान्य है. क्योंकि अमेरिका में आम तौर पर ट्रंप के खिलाफ बयान डेमोक्रेट देते हैं, रिपब्लिकन नहीं.
इसका मतलब यह है कि ट्रंप के बयान ने उनके अपने खेमे में भी बेचैनी पैदा की है.
हालांकि ये सब तभी होगा जब जेडी वेंस ऐसा करना चाहेंगे, वो कट्टर ट्रंप समर्थक हैं लेकिन अमेरिकी लोगों की एक विशेषता है वो उस वक़्त सब कुछ भूल जाते हैं जब देश पर संकट होता है.

