Site icon SHABD SANCHI

Lymphatic Filariasis Symptoms : फायलेरिआ में क्यों फूल जाता है पैर? क्या है हाथी पांव वाली बीमारी

Lymphatic Filariasis Symptoms : साल 2024 में उत्तर प्रदेश और बिहार में ‘हाथी पांव’ वाली बीमारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। इस बीमारी को मेडिकल भाषा में लिम्फैटिक फाइलेरियासिस या एलिफेंटिएसिस कहा जाता है। इसमें पैर फूल जाता है, जो सामान्य से कहीं अधिक मोटा दिखता है। 

क्या है हाथी पांव बीमारी? 

लिम्फैटिक फाइलेरियासिस या एलिफेंटिएसिस यानी हाथी पांव बीमारी में शरीर के कुछ हिस्सों में बहुत सूजन आ जाती है। ये सूजन इतनी भारी और मोटी हो जाती है कि वे हाथी के पैर जैसे दिखने लगते हैं। पैरों के अलावा हाथ, छाती और जननांगों में भी सूजन हो सकती है। इससे ये हिस्से भारी और गांठदार दिखने लगते हैं, और उनमें दर्द भी हो सकता है।

क्यों कहा जाता है इसे हाथी पांव?

इस बीमारी का सबसे ज्यादा असर पैरों पर होता है। धीरे-धीरे पैर फूल जाते हैं और उनकी त्वचा मोटी, खुरदरी और सख्त हो जाती है। इसलिए इसे आम भाषा में हाथी पांव कहा जाता है। यह बीमारी मच्छरों के काटने से फैलती है। जब मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काटता है और फिर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो परजीवी कीड़े शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ये कीड़े शरीर की लसीका प्रणाली को ब्लॉक कर देते हैं, जिससे शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है और सूजन बढ़ती है।

शुरुआत में नहीं दिखते लक्षण

हाथी पांव की सबसे बड़ी बात है कि इसकी शुरुआत में लक्षण साफ नहीं दिखते। कई बार संक्रमण के कई साल बाद ही कोई परेशानी दिखती है। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, बुखार, दर्द और सूजन हो सकती है। सूजन वाले हिस्से में दर्द और बेचैनी भी हो सकती है। कभी-कभी बार-बार बैक्टीरियल संक्रमण हो सकता है, जिससे स्थिति और भी खराब हो जाती है। लंबे समय तक इलाज न मिलने पर चलने-फिरने और काम करने की क्षमता कम हो सकती है।

यह कितनी खतरनाक है?

दुनियाभर में करीब 12 करोड़ लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। यह खासकर उन इलाकों में ज्यादा पाई जाती है जहां साफ-सफाई की स्थिति अच्छी नहीं है और मच्छरों का प्रकोप अधिक है। भारत के कुछ राज्यों में यह बीमारी अभी भी बहुत फैली हुई है। 

इस बीमारी का कोई स्थाई टीका नहीं 

इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज या टीका अभी तक नहीं है, लेकिन दवाओं से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। एंटी-पैरासिटिक दवाएं कीड़ों को खत्म करने में मदद करती हैं। कुछ मामलों में सूजन कम करने या हाइड्रोसील जैसी समस्या को सर्जरी से ठीक किया जाता है।

यह भी पढ़े : Mosquitoes Remedy at Home : मच्छर स्प्रे पर पैसे मत खर्च करें, घर में जला दें ये चीज मर जाएंगे मच्छर

Exit mobile version