West Bengal Politics TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता Soumitra Khan ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसद और करीब 50 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। उनके इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में दल-बदल और अंदरूनी टूट की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सौमित्र खान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व हरी झंडी दे दे, तो TMC पूरी तरह खत्म हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कई सांसद और विधायक मौजूदा हालात से नाराज हैं और बीजेपी में आने को तैयार बैठे हैं। हालांकि उन्होंने किसी भी सांसद या विधायक का नाम सार्वजनिक नहीं किया।
“TMC पार्टी नहीं बचेगी”
सौमित्र खान ने कहा-
“TMC के 20 सांसद बीजेपी में आने के लिए तैयार हैं। अगर केंद्रीय नेतृत्व मंजूरी दे दे, तो टीएमसी पार्टी नहीं बचेगी। हर कोई बीजेपी में आना चाहता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि TMC के करीब 50 विधायक भी पार्टी नेतृत्व से खुश नहीं हैं और राजनीतिक भविष्य को लेकर नए विकल्प तलाश रहे हैं।
क्यों अहम है ‘20 सांसद’ वाला आंकड़ा?
पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में फिलहाल TMC के पास 29 सांसद हैं, जबकि बीजेपी के पास 12 और कांग्रेस के पास 1 सांसद है।
भारत के दल-बदल विरोधी कानून (Anti Defection Law) के मुताबिक, किसी संसदीय दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य अगर एक साथ पार्टी बदलते हैं, तभी उनकी सदस्यता बच सकती है। TMC के 29 सांसदों के हिसाब से यह संख्या करीब 20 बनती है। इसी वजह से बीजेपी नेता का “20 सांसद” वाला दावा राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
TMC ने दावे को बताया “बेबुनियाद”
Saugata Roy ने बीजेपी के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मीडिया में भ्रम फैलाने की कोशिश है।
सौगत रॉय ने कहा-
“यह पूरी तरह बेबुनियाद बात है। बीजेपी और सौमित्र खान अफवाह फैला रहे हैं। ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला।”
हार के बाद TMC में बढ़ा असंतोष
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद TMC के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता नेतृत्व को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं।
बीते कुछ दिनों में अलग-अलग नगरपालिकाओं के करीब 100 पार्षदों ने इस्तीफा दिया है। वहीं TMC सांसद Kakoli Ghosh Dastidar की बीजेपी नेताओं के साथ बैठक में मौजूदगी ने अटकलों को और तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि उनके साथ 6 विधायक भी बैठक में शामिल हुए थे।
2021 जैसा होगा या इस बार कहानी अलग है?
2021 विधानसभा चुनाव से पहले भी TMC के कई बड़े नेता बीजेपी में शामिल हुए थे। हालांकि चुनाव में TMC की वापसी के बाद उनमें से कई नेता दोबारा ममता बनर्जी की पार्टी में लौट गए थे।
लेकिन इस बार हालात अलग बताए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में कई नेता अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने के लिए नई जमीन तलाश सकते हैं।
क्या टूट सकती है TMC?
फिलहाल TMC नेतृत्व सार्वजनिक तौर पर किसी भी संकट से इनकार कर रहा है, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी और लगातार हो रही बैठकों ने राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब नजर इस बात पर है कि क्या बीजेपी सिर्फ दबाव की राजनीति कर रही है या वाकई बंगाल में कोई बड़ा राजनीतिक ऑपरेशन चल रहा है। आने वाले दिनों में अगर कुछ सांसद या विधायक खुलकर सामने आते हैं, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

