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West Bengal Election 2026 : बंगाल में ‘मोदी की सुनामी’ या चलेगा ‘ममता का जादू’, 80% वोटिंग से हो गया फैसला

West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज बहुत ही जीवंत और उत्साहित तस्वीर देखने को मिली है। दोपहर 3 बजे तक करीब 78.77% मतदान दर्ज किया गया है, जो जनता की जागरूकता और राजनीतिक चेतना का प्रतीक है।  

बंगाल में आज पहले चरण में वोटिंग के टूटे रिकॉर्ड 

बंगाल के पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल के ग्रामीण इलाकों तक मतदाताओं की लंबी लाइनें देखी गईं। यह भारी मतदान न केवल सरकार के लिए संदेश है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जनता बदलाव या स्थिरता के बारे में कितनी गंभीर है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण दिनाजपुर में 81.49% मतदान हुआ है, जबकि बीरभूम और पश्चिम मेदिनीपुर जैसे जिलों में भी 80% से ऊपर मतदान दर्ज किया गया है। इतने अधिक मतदान का मतलब खुशी भी है और चेतावनी भी।

बंगाल में ही सकता है सत्ता पलट? 

राजनीति विशेषज्ञ मानते हैं कि जब मतदान प्रतिशत बहुत तेजी से बढ़ता है, तो इसका मतलब हो सकता है कि जनता सरकार के खिलाफ है। लेकिन बंगाल की राजनीति अलग है। यहां तृणमूल कांग्रेस का मजबूत कार्यकर्ता आधार है, जो भारी संख्या में वोट डालने निकलता है। वहीं, भाजपा ने उत्तर बंगाल और जंगलमहल जैसे इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत बनाई है।  

ग्रामीण महिलाओं का मतदान प्रतिशत अधिक 

आज दोपहर 3 बजे तक का आंकड़ा दिखाता है कि ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और युवाओं ने बहुत भाग लिया है। यदि ये वोटर सरकार की योजनाओं से प्रभावित हैं, तो ममता बनर्जी की जीत संभव है। लेकिन यदि बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे हावी रहते हैं, तो भाजपा को फायदा हो सकता है।  

इन सीटों पर TMC की हो सकती है विदाई 

उत्तर बंगाल का क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां 54 सीटों पर मतदान हो रहा है। कूचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जैसे जिलों में 77% से 79% के बीच मतदान हुआ है। भाजपा को इन सीटों को बचाना चुनौती है, क्योंकि 2024 लोकसभा चुनाव में यहां टीएमसी की वापसी की खबरें आ रही हैं। साथ ही, नंदीग्राम जैसी हाई प्रोफाइल सीट पर भी आज मतदान हो रहा है, जहां सुवेंदु अधिकारी की साख दांव पर लगी है। मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में भी भारी उत्साह देखने को मिला है।  

मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद में हिंसा भी हुई 

बावजूद इसके, चुनाव के बीच कुछ जगहों पर हिंसा और झड़प की खबरें भी आई हैं। मुर्शिदाबाद के डोमकल में झड़प और भाजपा उम्मीदवार पर हमले की शिकायतें मिली हैं। चुनाव आयोग ने इन घटनाओं पर ध्यान देते हुए रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय बलों की बड़ी संख्या तैनात होने के बावजूद तनाव की खबरें मिल रही हैं।  

राजनीतिक दलों का कहना है कि केंद्रीय बल वोटरों को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि सत्ताधारी पार्टी का आरोप है कि भाजपा के कार्यकर्ता वोटरों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।  

किसके सिर सजेगा ताज?

अभी तक के आंकड़ों के अनुसार, किसी भी दल के पक्ष में साफ जीत का दावा करना जल्दी होगा, लेकिन शुरुआती रुझान बताते हैं कि ग्रामीण बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का मजबूत आधार बना हुआ है। वहीं, उत्तर बंगाल और मेदिनीपुर में भाजपा ने अपनी ताकत दिखाई है। यह चुनाव विकास का ही नहीं, बल्कि पहचान और ध्रुवीकरण का भी मुकाबला है। दोपहर 3 बजे तक का आंकड़ा यह दिखा रहा है कि जनता का उत्साह बहुत बढ़ा है। अभी देखना होगा कि शाम 6 बजे तक यह आंकड़ा 85% के ऊपर पहुंचता है या नहीं, जो बंगाल के इतिहास में नया रिकॉर्ड बन सकता है।

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